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हरिद्वार में फिर वापसी के लिए ‘हाथी’ लगा रहा दौड़
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हरिद्वार में बसपा का हाथी वापसी को फिर से दौड़ लगा रहा है। आधा दर्जन से अधिक सीटों पर हाथी सीधे और त्रिकोणीय मुकाबले में है।
राजनीतिक दृष्टि से बसपा के लिए सबसे मुफीद हरिद्वार जनपद है। पार्टी के लिए हरिद्वार जनपद चुनावी लिहाज से गढ़ रहा है। यहां से जिला पंचायत के चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव में पार्टी ने चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं। राज्य में पहली बार 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में जनपद की नौ सीटों में पांच पर बसपा ने कब्जा किया था। 2007 में एक सीट पर और बढ़ोत्तरी करते हुए छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन 2012 के चुुनाव में हरिद्वार में 11 सीटों में से महज तीन सीटों पर ही सिमट गई थी।
2017 में पार्टी हरिद्वार में एक भी सीट पर जीत का स्वाद नहीं चख पाई। इस बार 2022 में पार्टी फिर से जनपद की 11 सीटों पर पुराना इतिहास दोहराने के लिए चुनावी संग्राम में कूदी है। पिछली बार के मुकाबले अधिक सीटों पर पार्टी की ओर से मजबूत प्रत्याशी सियासी समर में ताल ठोक रहे हैं। इनमें पार्टी मंगलौर सीट पर कांग्रेस से सीधे आमने-सामने का चुनाव लड़ रही हैं। बसपा ने हरिद्वार ग्रामीण सीट पर भी कमजोर प्रत्याशी बदलकर युनूस अंसारी को अंत समय में टिकट देकर अपनी एंट्री दर्ज करा दी है। भगवानपुर, लक्सर, झबरेड़ा, खानपुर, ज्वालापुर सीट पर बसपा उम्मीदवार चुनाव को त्रिकोणीय बनाकर राजनीति की पिच पर खेल रहे हैं। संवाद
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राजनीतिक दृष्टि से बसपा के लिए सबसे मुफीद हरिद्वार जनपद है। पार्टी के लिए हरिद्वार जनपद चुनावी लिहाज से गढ़ रहा है। यहां से जिला पंचायत के चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव में पार्टी ने चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं। राज्य में पहली बार 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में जनपद की नौ सीटों में पांच पर बसपा ने कब्जा किया था। 2007 में एक सीट पर और बढ़ोत्तरी करते हुए छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। लेकिन 2012 के चुुनाव में हरिद्वार में 11 सीटों में से महज तीन सीटों पर ही सिमट गई थी।
2017 में पार्टी हरिद्वार में एक भी सीट पर जीत का स्वाद नहीं चख पाई। इस बार 2022 में पार्टी फिर से जनपद की 11 सीटों पर पुराना इतिहास दोहराने के लिए चुनावी संग्राम में कूदी है। पिछली बार के मुकाबले अधिक सीटों पर पार्टी की ओर से मजबूत प्रत्याशी सियासी समर में ताल ठोक रहे हैं। इनमें पार्टी मंगलौर सीट पर कांग्रेस से सीधे आमने-सामने का चुनाव लड़ रही हैं। बसपा ने हरिद्वार ग्रामीण सीट पर भी कमजोर प्रत्याशी बदलकर युनूस अंसारी को अंत समय में टिकट देकर अपनी एंट्री दर्ज करा दी है। भगवानपुर, लक्सर, झबरेड़ा, खानपुर, ज्वालापुर सीट पर बसपा उम्मीदवार चुनाव को त्रिकोणीय बनाकर राजनीति की पिच पर खेल रहे हैं। संवाद
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