डीएम कैंप कार्यालय पर गरजे किसान
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हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के तीन दिन के किसान महाकुंभ के दूसरे दिन रोड़ीबेलवाला से लेकर वीआईपी घाट और लाल कोठी तक किसान ही किसान नजर आए। यूनियन के किसानों ने 6 सूत्री मांगों को लेकर पहले देहरादून कूच कर सीएम आवास घेराव का निर्णय लिया, लेकिन रुड़की तहसील प्रशासन की ओर से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन और मुआवजा देने के बाद किसानों ने अपना कूच स्थगित कर दिया। किसानों ने डीएम कैंप कार्यालय मायापुर पर कूच किया। डीएम कैंप कार्यालय पर कोई अधिकारी न मिलने पर किसान वहीं पर धरने पर बैठ गए। शाम को एडीएम वित्त ने किसानों का ज्ञापन लिया।
शुक्रवार को दूसरे दिन भाकियू की कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में लाल कोठी पर हुई। जिसमें मांगों को लेकर देहरादून कूच करने का निर्णय लिया। इसकी जानकारी प्रशासन को मिली तो प्रशासन की ओर से किसानों की ओलावृष्टि में फसलों के नुकसान का मुआवजा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद फिर से यूनियन पदाधिकारी की बैठक हुई और मायापुर स्थित डीएम कैंप कार्यालय जाकर मांगों को लेकर ज्ञापन देने की निर्णय लिया। शाम 5 बजे किसानों ने डीएम कैंप कार्यालय के लिए कूच किया। वीआईपी घाट से हाईवे से होते हुए भारी संख्या में किसान डीएम कैंप कार्यालय पहुंचे। वहां पर कोई अधिकारी न मिलने पर गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। दो घंटे बाद एडीएम वित्त डा. अभिषेक त्रिपाठी पहुंचे और किसानों की समस्याओं का ज्ञापन लिया। इस दौरान विजय शास्त्री, कलम सिंह नेगी, हुकुम सिंह, राजपाल शर्मा, धर्मेंद्र मलिक, अशोक कुमार, विनय कुमार, अनिल यादव, राजेंद्र सिंह राणा, अनिल तालान, विजय तालान, धनश्याम शर्मा, ओमपाल मलिक, राजेश चौहान, विजयपाल सिंह अरविंद राठी आदि शामिल हुए।
गोली ले आओ जान से मार दो
गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने धरने पर पहुंचे एडीएम वित्त से कहा कि किसानों की हालत बदतर हो गई। कोई भी ध्यान नहीं देता है। वार्ता के दौरान संजय चौधरी ने अपनी जेब से रुपये निकाले और एडीएम की ओर करते हुए कहा कि यह लो रुपये इनसे गोली खरीद लाओ और हमें मार दो या जेल में डाल दो।
यूनियन की मांगें
- ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
- शिक्षा का सिलेबस एक समान हो, अधिकारियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ें।
- यदि अधिकारियों के बच्चे नहीं पढ़ते तो स्कूलों को बंद कराया जाए।
- प्रधानमंत्री चुनावी वादों को पूरा करें।
- किसानों को उपकरण, खाद, कीटनाशकों के लिए सब्सिडी सीधे खाते में दी जाए।
हरी बत्ती की गाड़ी
किसान यूनियन के कार्यक्रम में पंजाब नंबर की एक जीप पहुंची। जिस पर हरी बत्ती लगी हुई थी। सामने प्लेट पर लिखा था किसान सरकार, भारतीय किसान यूनियन। इस तरह की जीप को लेकर चर्चाएं होती रही।
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बुलंदशहर कार्यकारिणी को लेकर विवाद
भाकियू टिकैत की कार्यकारिणी की बैठक में बुलंदशहर के पदाधिकारी एक दूसरे पर भड़क गए। उन्होंने एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाए, साथ ही एक ही मुद्दे पर दो-दो जगह धरना दिए जाने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को न पूछे जाने का आरोप लगाया। मांगेराम त्यागी ने कहा कि आपसी विवाद के चलते हुए उनकी यूनियन का वजूद कम होता जा रहा है। वार्ता के दौरान कई बार विवाद की स्थिति बनी। इस पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मामले को सुलझाने का प्रयास करते हुए कहा कि यदि नहीं मानेंगे तो कार्यकारिणी भंग कर दी जाएगी।
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हाईवे पर लगा लंबा जाम
भाकियू के किसानों ने वीआईपी घाट से मायापुर डीएम कैंप कार्यालय के लिए कूच किया। इस दौरान पहले से ही हाईवे पर जाम लगा हुआ था और किसानों के हाइवे पर उतरने के बाद फिर से जाम लग गया। भारी संख्या में किसानों के हाईवे पर उतरने पर रूट डायवर्ट किया गया, लेकिन कोई काम नहीं आया। उमस भरी गर्मी में वाहनों में बैठे लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।