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दीपावली के रात 16 गुना बढ़ा प्रदूषण
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 31 Oct 2016 11:44 PM IST
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उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दीपावली पर हरिद्वार में वायु प्रदूषण मापा गया। दीपावली की रात वायु प्रदूषण सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना ज्यादा बढ़ा। रुड़की में ध्वनि स्तर को मापा गया। इस दौरान दोनों के स्तर में तय मानकों के मुकाबले बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई। रुड़की में रात दस से बारह बजे के बीच शांत क्षेत्र में ध्वनि के स्तर में 95 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। वहीं हरिद्वार में वायु प्रदूषण के स्तर में मानक से 16 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. अंकुर कंसल ने बताया कि हरिद्वार स्थित वायु गुणवत्ता स्टेशन में लिए गए आंकड़ों के अनुसार दीपावली को वायुमंडल में धूल कणों की मात्रा 116.33 आरएसपीएम (रेस्पोंसिबल सस्पेंडिड पार्टीकल्स मैटर) दर्ज की गई। जबकि मानक के अनुसार यह 100 आरपीएम होनी चाहिए। यह दर्ज मात्रा मानक से 16 प्रतिशत अधिक रही। वहीं वायुमंडल में सल्फर डाईआक्साइड की मात्रा 24.33 और नाइट्रोजन की मात्रा 27.14 पाई गई।
रुड़की में मापे गए ध्वनि स्तर के अनुसार रात छह से दस बजे तक सिविल लाइंस के व्यवसायिक क्षेत्र में ध्वनि स्तर 77.3 डेसीबल था। जो कि 65 डेसीबल के मानक से 19 प्रतिशत अधिक रहा। वहीं आईआरआई कालोनी आवासीय क्षेत्र में यह मानक स्तर 55 डेसीबल के मुकाबले 36 प्रतिशत और सेंट जोजेफ अस्पताल के शांत क्षेत्र में ध्वनि स्तर मानक से 50 प्रतिशत अधिक यानी 75.26 डेसीबल रहा। वहीं रात्रि दस से बारह बजे के बीच सिविल लाइंस व्यवसायिक क्षेत्र में ध्वनि स्तर में 53 प्रतिशत, आवासीय क्षेत्र आईआरआई कालोनी में 77 प्रतिशत और शांत क्षेत्र सेंट जोजेफ अस्पताल के पास ध्वनि स्तर में 95 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
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पिछले सालों के मुकाबले कम रहा स्तर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक जहां एक ओर दीपावली पर ध्वनि और वायु प्रदूषण मानकों से अधिक रहा। वहीं इसका स्तर पिछले दो सालों के मुकाबले कम रहा। हरिद्वार में नापे गए वायु प्रदूषण की बात करें तो यहां 2014 में धूल के कणों की मात्रा 136.03 थी, वहीं 2015 में 122.33 आरपीएम थी। इस प्रकार दीपावली पर हरिद्वार में वायु प्रदूषण की मात्रा 2014 के मुकाबले 17 प्रतिशत कम रही है। इसी प्रकार 2014 के मुकाबले सल्फर डाईआक्साइड की मात्रा 14 प्रतिशत और नाइट्रोजन की मात्रा 11.6 प्रतिशत कम पाई गई।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. अंकुर कंसल ने बताया कि हरिद्वार स्थित वायु गुणवत्ता स्टेशन में लिए गए आंकड़ों के अनुसार दीपावली को वायुमंडल में धूल कणों की मात्रा 116.33 आरएसपीएम (रेस्पोंसिबल सस्पेंडिड पार्टीकल्स मैटर) दर्ज की गई। जबकि मानक के अनुसार यह 100 आरपीएम होनी चाहिए। यह दर्ज मात्रा मानक से 16 प्रतिशत अधिक रही। वहीं वायुमंडल में सल्फर डाईआक्साइड की मात्रा 24.33 और नाइट्रोजन की मात्रा 27.14 पाई गई।
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रुड़की में मापे गए ध्वनि स्तर के अनुसार रात छह से दस बजे तक सिविल लाइंस के व्यवसायिक क्षेत्र में ध्वनि स्तर 77.3 डेसीबल था। जो कि 65 डेसीबल के मानक से 19 प्रतिशत अधिक रहा। वहीं आईआरआई कालोनी आवासीय क्षेत्र में यह मानक स्तर 55 डेसीबल के मुकाबले 36 प्रतिशत और सेंट जोजेफ अस्पताल के शांत क्षेत्र में ध्वनि स्तर मानक से 50 प्रतिशत अधिक यानी 75.26 डेसीबल रहा। वहीं रात्रि दस से बारह बजे के बीच सिविल लाइंस व्यवसायिक क्षेत्र में ध्वनि स्तर में 53 प्रतिशत, आवासीय क्षेत्र आईआरआई कालोनी में 77 प्रतिशत और शांत क्षेत्र सेंट जोजेफ अस्पताल के पास ध्वनि स्तर में 95 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
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पिछले सालों के मुकाबले कम रहा स्तर
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक जहां एक ओर दीपावली पर ध्वनि और वायु प्रदूषण मानकों से अधिक रहा। वहीं इसका स्तर पिछले दो सालों के मुकाबले कम रहा। हरिद्वार में नापे गए वायु प्रदूषण की बात करें तो यहां 2014 में धूल के कणों की मात्रा 136.03 थी, वहीं 2015 में 122.33 आरपीएम थी। इस प्रकार दीपावली पर हरिद्वार में वायु प्रदूषण की मात्रा 2014 के मुकाबले 17 प्रतिशत कम रही है। इसी प्रकार 2014 के मुकाबले सल्फर डाईआक्साइड की मात्रा 14 प्रतिशत और नाइट्रोजन की मात्रा 11.6 प्रतिशत कम पाई गई।