फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Disability clean bowled on his fresh pitch

हौसले की पिच पर दिव्यांगता को कर रहे क्लीन बोल्ड

Thu, 02 Dec 2021 08:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 08:15 PM IST
विज्ञापन
Disability clean bowled on his fresh pitch
महक उठती धरा स्पर्श से, छू लेते गगन जो चाह ले, लड़खड़ाते कदम गर बढ़ गए, समंदर भी इनको राह दे, विकलांग नहीं दिव्यांग है ये प्रसिद्ध शायर की यह चंद लाइन अजरानंद अंध विद्यालय के इन छात्रों पर सटीक बैठती है। जिनकी अंगुलियों के इशारे पर हारमोनियम, तबला, गिटार बजते हैं और कंप्यूटर का की बोर्ड चलता है।
विज्ञापन

चुनौतियां कितनी भी हों, मगर जुनून और हौसला है तो नामुमकिन कुछ भी नहीं है। इसका बेमिसाल उदाहरण हैं दिव्यांग प्रतिभाएं, जिन्होंने शारीरिक कष्ट व आर्थिक तंगी के सामने हार नहीं मानी। उन्होंने हर मुश्किल हालात का सामना करते हुए खुद को साबित किया। आज ये प्रतिभाएं किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। दिव्यांग दिवस पर अजरानंद अंध विद्यालय में पढ़ाई कर रहे इन बच्चों से आज आपका परिचय कराते हैं। विद्यालय में छात्रों के लिए अलग-अलग कक्ष बने हुए हैं। इसके साथ ही छात्र यहां पर कंप्यूटर की शिक्षा भी ग्रहण करते हैं। कंप्यूटर में आया टोकन सॉफ्टवेयर यूएसए से आया है। जिससे छात्रों को कंप्यूटर क्लास लेने में दिक्कत नहीं होती है। वहीं ब्रेल प्रेस स्वीडन से लाकर लगाई गई है। संवाद
विज्ञापन

बीए-बीएड व प्रभाकर है शिक्षक
विद्यालय में बच्चों को संगीत गायन व वादन की शिक्षा देने वाले शिक्षक संजय गोस्वामी मूल रूप से काशीपुर के रहने वाले हैं और आंखों से दिव्यांग है। उन्होंने बीए करने के बाद बीएड व संगीत में प्रभाकर की डिग्री प्राप्त की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रेलवे से लेकर सचिवालय में करते हैं नौकरी
अजरानंद अंध विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र अमर सिंह निषाद पूर्वांचल से हैं और मुरादाबाद में रेलवे में नौकरी कर रहे हैं। वहीं संजय रावत उत्तरकाशी के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह श्रीनगर केंद्रीय विद्यालय में संगीत अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वह क्रिकेट के एक अच्छे खिलाड़ी हैं। वहीं सुरेश मौर्य सुल्तानपुर के रहने वाले हैं और इस समय दिल्ली में सरकारी विभाग में तैनात हैं और क्रिकेट के बेहतर खिलाड़ी है। कई प्रतियोगिता में वह मेडल भी अपने नाम कर चुके हैं। वहीं नरेशपाल इस समय देहरादून सचिवालय में क्लर्क है।

विद्यालय में पढ़ाई करते हैं 70 बच्चे
स्वामी अजरानंद अंध विद्यालय हाईस्कूल 1960 से संचालित है। वर्तमान में उसमें 70 दिव्यांग छात्र पढ़ाई करते हैं। यह हिंदी अंग्रेजी से लेकर संगीत गायन, वादन की शिक्षा ग्रहण करते हैं। प्रदेश में विद्यालय में पहला अंध विद्यालय है जिसे उत्तरांचल बोर्ड से मान्यता प्राप्त है।
विद्यालय में 70 छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। कई छात्र यहां पर शिक्षा ग्रहण करने के बाद रेलवे, देहरादून सचिवालय व दिल्ली में नौकरी कर रहे हैं।
- स्वामी स्वयमानंद, परामाध्यक्ष अंजरानंद ट्रस्ट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed