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मनाही के बावजूद खुले स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:16 PM IST
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कान्वेंट स्कूलों ने एक बार फिर प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाया। डीएम की मनाही के बावजूद बुधवार को कई निजी स्कूल खुले रहे। नौनिहाल ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। वहीं डीएम ने आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की जानकारी जुटाते हुए अवकाश 15 जनवरी तक बढ़ा दिया है।
उत्तराखंड बोर्ड के शैक्षिक कैलेंडर में स्कूलों में पहली से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश है। जिलाधिकारी ने शीतलहर को देखते हुए बुधवार को जनपद में आठवीं तक के सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन कान्वेंट स्कूलों ने आदेश को हवा में उड़ा दिया। बुधवार को सराय रोड, ज्वालापुर के पास हाइवे किनारे और लक्सर रोड स्थित कई निजी स्कूल रोजाना की तरह खुले। इसकी सूचनाएं जागरुक नागरिकों ने जिलाधिकारी तक पहुंचाई। डीएम ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए ऐसे स्कूलों की सूची मांगी है।
वहीं प्रभारी सीईओ डा. पुष्पा रानी वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से 15 जनवरी तक सभी तरह के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। बुधवार को आदेश के बावजूद खुलने वाले स्कूलों की जानकारी जुटाई जा रही है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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स्कूलों को नहीं है प्रशासन का खौफ
प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा विभाग तो दूर प्रशासन का भी खौफ नहीं है। इसका पहला कारण यह है कि सीबीएसई से संबद्ध होने से इन स्कूलों का शिक्षा विभाग से सीधे तौर पर कोई वास्ता नहीं पड़ता। कई स्कूल तो शिक्षा विभाग के निर्देशों का यह कहकर भी मखौल उड़ाते हैं कि सरकारी विभाग के आदेश मानने के लिए वे बाध्य नहीं है। वहीं प्रशासन के आदेश के बाद भी स्कूल खुले रखने के पीछे एक कारण यह भी है कि अब तक प्रशासन किसी भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाया है। जबकि आदेश को ठेंगा दिखाने की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं।
उत्तराखंड बोर्ड के शैक्षिक कैलेंडर में स्कूलों में पहली से 15 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश है। जिलाधिकारी ने शीतलहर को देखते हुए बुधवार को जनपद में आठवीं तक के सभी स्कूल बंद रखने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन कान्वेंट स्कूलों ने आदेश को हवा में उड़ा दिया। बुधवार को सराय रोड, ज्वालापुर के पास हाइवे किनारे और लक्सर रोड स्थित कई निजी स्कूल रोजाना की तरह खुले। इसकी सूचनाएं जागरुक नागरिकों ने जिलाधिकारी तक पहुंचाई। डीएम ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए ऐसे स्कूलों की सूची मांगी है।
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वहीं प्रभारी सीईओ डा. पुष्पा रानी वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से 15 जनवरी तक सभी तरह के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। बुधवार को आदेश के बावजूद खुलने वाले स्कूलों की जानकारी जुटाई जा रही है। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।
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स्कूलों को नहीं है प्रशासन का खौफ
प्राइवेट स्कूलों को शिक्षा विभाग तो दूर प्रशासन का भी खौफ नहीं है। इसका पहला कारण यह है कि सीबीएसई से संबद्ध होने से इन स्कूलों का शिक्षा विभाग से सीधे तौर पर कोई वास्ता नहीं पड़ता। कई स्कूल तो शिक्षा विभाग के निर्देशों का यह कहकर भी मखौल उड़ाते हैं कि सरकारी विभाग के आदेश मानने के लिए वे बाध्य नहीं है। वहीं प्रशासन के आदेश के बाद भी स्कूल खुले रखने के पीछे एक कारण यह भी है कि अब तक प्रशासन किसी भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाया है। जबकि आदेश को ठेंगा दिखाने की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं।