{"_id":"6a5f82d47d5aaec74a07b5f2","slug":"dandi-swami-accuses-treasurer-of-stealing-ram-temple-donations-haridwar-news-c-149-1-hrd1003-3248-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haridwar News: राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर दंडी स्वामी ने कोषाध्यक्ष पर लगाए आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haridwar News: राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर दंडी स्वामी ने कोषाध्यक्ष पर लगाए आरोप
विज्ञापन
- कोषाध्यक्ष की संपत्तियों की जांच कराने और पारदर्शिता जनता के सामने रखने की उठाई मांग
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। दंडी स्वामी भूमानन्द तीर्थन्यास संस्थानम् के अध्यक्ष स्वामी अच्यूतानन्द तीर्थ ने देश के प्रसिद्ध मंदिरों में चोरी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी पर गंभीर सवाल उठाए। स्वामी अच्यूतानन्द ने गोविंदगिरी की संपत्ति और ट्रस्ट के खातों की पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे हर 15 दिन में ट्रस्ट के लेखा रिपोर्ट और खातों का निरीक्षण करें।
दंडी स्वामी ने कहा कि गोविंद देव गिरी ने प्रेस वार्ता में कहा था कि मंदिर के पैसे चुराने वालों से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ट्रस्ट के खातों के संचालन या जांच का अधिकार नहीं है, न ही उनके पास चेकबुक है। स्वामी अच्यूतानन्द ने इस सफाई को निराधार बताया। उन्होंने मांग की है कि गोविंद देव गिरी की व्यक्तिगत संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया जाए। इसमें कोषाध्यक्ष बनने से पहले और बाद की संपत्ति, आश्रम, भूमि और बैंक बैलेंस शामिल हो।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट की वार्षिक आय का कितना प्रतिशत जनहित और सनातन धर्म की रक्षा में उपयोग किया गया है, यह सार्वजनिक हो। उन्होंने मंदिर उद्घाटन के दौरान चरणामृत देने के क्रम पर भी आपत्ति जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। दंडी स्वामी भूमानन्द तीर्थन्यास संस्थानम् के अध्यक्ष स्वामी अच्यूतानन्द तीर्थ ने देश के प्रसिद्ध मंदिरों में चोरी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी पर गंभीर सवाल उठाए। स्वामी अच्यूतानन्द ने गोविंदगिरी की संपत्ति और ट्रस्ट के खातों की पारदर्शिता की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे हर 15 दिन में ट्रस्ट के लेखा रिपोर्ट और खातों का निरीक्षण करें।
दंडी स्वामी ने कहा कि गोविंद देव गिरी ने प्रेस वार्ता में कहा था कि मंदिर के पैसे चुराने वालों से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ट्रस्ट के खातों के संचालन या जांच का अधिकार नहीं है, न ही उनके पास चेकबुक है। स्वामी अच्यूतानन्द ने इस सफाई को निराधार बताया। उन्होंने मांग की है कि गोविंद देव गिरी की व्यक्तिगत संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया जाए। इसमें कोषाध्यक्ष बनने से पहले और बाद की संपत्ति, आश्रम, भूमि और बैंक बैलेंस शामिल हो।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट की वार्षिक आय का कितना प्रतिशत जनहित और सनातन धर्म की रक्षा में उपयोग किया गया है, यह सार्वजनिक हो। उन्होंने मंदिर उद्घाटन के दौरान चरणामृत देने के क्रम पर भी आपत्ति जताई।
विज्ञापन