फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   Controversy followed with SSP

एसएसपी के साथ चलते रहे विवाद

Sat, 28 Jan 2017 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार।
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार। Updated Sat, 28 Jan 2017 11:12 PM IST
विज्ञापन
 आठ माह तक जिले के पुलिस कप्तान रहे आईपीएस राजीव स्वरूप का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। बेशकीमती निर्मल विरक्त कुटिया पर कब्जे के षडयंत्र के अलावा अवैध खनन, तबादला नीति और कानून व्यवस्था को लेकर भी उन पर उंगली उठती रही है। राजनैतिक आकाओं से रिश्तों के चलते उनकी कुर्सी सलामत रही, लेकिन चुनाव आयोग के कार्रवाई के चाबुक ने उन्हें चारों खाने चित्त कर दिया।   
विज्ञापन


राजीव स्वरूप का बतौर एसएसपी यह दूसरा कार्यकाल था। पहले कार्यकाल में रेप कर किशोरी की निर्मम हत्या का खुलासा न होने पर हटाया गया था। दूसरे कार्यकाल पर विवादों के बादल मंडराते रहे। कार्यभार संभालने के कुछ घंटों बाद ही लंढौरा बवाल हुआ। तब आवाम ने उनकी बात सुनने तक को नकार दिया था।  अटपटे तबादलों को लेकर डीजीपी एम गणपति को भी वे काफी अखरे। बाकायदा पूरी तबादला लिस्ट ठंडे बस्ते में डाल दी गई। अवैध खनन के आरोप में लक्सर के एसओ बने जहांगीर अली सीधे पहाड़ चढ़ा दिया गया। यही नहीं कुछ अन्य खास दारोगाओं को पहाड़ भेजा गया। तत्कालीन एसओ सिडकुल ऋतुराज रावत को हटाना भी उन्हें भारी पड़ा था। तब आईजी गढ़वाल रहे संजय गुंज्याल ने उनके आदेश पर रोक लगा दी थी। सबसे बड़ा मसला बेशकीमती निर्मल विरक्त कुटिया का रहा।  पूर्व सांसद सतपाल महाराज ने बकायदा सीएम के औद्योगिक सलाहकार रणजीत रावत और एसएसपी राजीव स्वरूप का नार्कों टेस्ट कराने की मांग कर डाली थी। एक थानेदार पर कत्ल जैसे मामले में डील फिक्स के आरोप लगे थे। कार्रवाई की बजाए उन्हें छोटे थाने से उठाकर महत्वपूर्ण थाने का चार्ज दे दिया गया। आईजी को आखिर कार एसओ को निलंबित कर पहाड़ भेजना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed