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बेटी की डोली पर संकट के बादल
अजब सिंह पथरी
Updated Fri, 07 Apr 2017 10:10 PM IST
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इसे किसानों की बदकिस्मती कहें या प्रकृति का प्रकोप। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की रात दिन की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों को आर्थिक नुकसान तो हुआ ही है, साथ ही उन उम्मीदों को भी तगड़ा झटका लगा है जो फसल के कटान पर टिकी थी। रानीमाजरा के एक किसान ने फसल के सहारे आने वाली 19 अप्रैल को बेटी की शादी पक्की की। मौसम की बेरुखी से अब बेटी की डोली पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
किसानों की आजीविका खेती पर निर्भर रहती है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर बच्चों की पढ़ाई व शादी ब्याह का खर्च सब खेती के सहारे चलता है। इसके लिए किसान जी जान एक कर देते हैं। रानीमाजरा गांव के किसान बिरम सिंह सैनी ने 10 बीघा जमीन पर गेहूं बोया था। फसल उम्मीद के अनुरूप तैयार हुई और पक चुकी थी। बेटी की शादी के लिए कुछ इंतजाम तो पहले से किया था। फसल कटने के बाद दहेज का बाकी सामान खरीदने की तैयारी थी। इसके लिए एक-दो दिन में ही फसल काटने की योजना बनाई जा रही थी। बृहस्पतिवार की शाम मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरी फसल तबाह हो गई। बिरम सिंह को अब इस बात की चिंता खाए जा रही है कि बेटी की शादी की तैयारी अब कैसे पूरी होंगी। बिरम सिंह जैसे जनपद में तमाम किसान हैं, जिनको फसल काटकर अपने जरूरी काम निपटाने थे। अब उनके सामने संकट खड़ा हो गया है।
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विधायक बोले, सीएम को बताएंगे व्यथा
स्थानीय विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का कहना है कि बृहस्पतिवार को बर्बाद हुई फसलों के नुकसान से सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को अवगत कराया जाएगा। जिससे किसानों को नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जा सके।
किसानों की आजीविका खेती पर निर्भर रहती है। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर बच्चों की पढ़ाई व शादी ब्याह का खर्च सब खेती के सहारे चलता है। इसके लिए किसान जी जान एक कर देते हैं। रानीमाजरा गांव के किसान बिरम सिंह सैनी ने 10 बीघा जमीन पर गेहूं बोया था। फसल उम्मीद के अनुरूप तैयार हुई और पक चुकी थी। बेटी की शादी के लिए कुछ इंतजाम तो पहले से किया था। फसल कटने के बाद दहेज का बाकी सामान खरीदने की तैयारी थी। इसके लिए एक-दो दिन में ही फसल काटने की योजना बनाई जा रही थी। बृहस्पतिवार की शाम मौसम ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरी फसल तबाह हो गई। बिरम सिंह को अब इस बात की चिंता खाए जा रही है कि बेटी की शादी की तैयारी अब कैसे पूरी होंगी। बिरम सिंह जैसे जनपद में तमाम किसान हैं, जिनको फसल काटकर अपने जरूरी काम निपटाने थे। अब उनके सामने संकट खड़ा हो गया है।
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