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नोट बदलने का झांसा देकर लाखों ठगे
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Fri, 16 Dec 2016 10:39 PM IST
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ज्वालापुर में नोट बदलने का झांसा देकर लाखों रुपये की रकम लूटने का मामला सामने आया है। शातिर युवकों ने जाल बिछाकर सहारनपुर के दो व्यापारियों को नोट बदलने के लिए ज्वालापुर बुलाया था। यहां एक बंद मकान में लेनदेन के समय उनके कुछ साथी प्लानिंग के तहत रकम लेकर भाग निकले। मामला काले धन से जुड़ा होने के कारण अभी लिखित शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंची है। वहीं मामला चर्चाओं में होने के बावजूद पुलिस मामले से अनभिज्ञता जता रही है।
एक हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद से लोग नोट बदली की तिगड़म लगा रहे हैं। नोट बदलने के लिए कमीशन का धंधा भी बड़े पैमाने पर चल रहा है। ज्वालापुर के अलग अलग मोहल्ला निवासी कुछ शातिर युवकों ने गैंग बनाकर कालाधन लूटने का प्लान बनाया। जिसके तहत सहारनपुर के दो व्यापारियों को बहला फुसलाकर बुलाया गया। सूत्र बताते हैं कि व्यापारी 18 लाख से ज्यादा की रकम बदलने पहुंचे। यहां अहबाबनगर के नजदीक एक बंद मकान में लेन देन चल रहा था कि युवकों के कुछ साथी अचानक वहां पहुंचे और नगदी झपट कर फरार हो गए। शोर मचाने पर काला धन की बात पकड़ में आने के डर से व्यापारी शातिर युवकों की खुशामद करते रहे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें डरा धमका भगा दिया। ये मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अधिकांश युवकों की पहचान भी सबकी जुबान पर है। लेकिन पुलिस इससे अंजान है। जबकि सूत्र यह पूरा प्रकरण कुछ पुलिसकर्मियों की जानकारी में होने का दावा भी करते हैं। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी नवीन चंद्र सेमवाल और रानीपुर कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया।
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पहले भी कर चुके ऐसी वारदात
शातिर युवक इससे पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। नोटबंदी के अलावा अलग अलग बहाने से लोगों के साथ ठगी की जा चुकी है। सूत्र बताते हैं कि कुछ युवक ठगी के मामले में पहले जेल भी जा चुके हैं। इस बार प्लान में ज्यादा लोग शामिल होने के कारण मामला लीक होने पर चर्चाओं में आ गया। पुलिस और इनकम टैक्स विभाग गहनता से पड़ताल करे तो कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।
एक हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद से लोग नोट बदली की तिगड़म लगा रहे हैं। नोट बदलने के लिए कमीशन का धंधा भी बड़े पैमाने पर चल रहा है। ज्वालापुर के अलग अलग मोहल्ला निवासी कुछ शातिर युवकों ने गैंग बनाकर कालाधन लूटने का प्लान बनाया। जिसके तहत सहारनपुर के दो व्यापारियों को बहला फुसलाकर बुलाया गया। सूत्र बताते हैं कि व्यापारी 18 लाख से ज्यादा की रकम बदलने पहुंचे। यहां अहबाबनगर के नजदीक एक बंद मकान में लेन देन चल रहा था कि युवकों के कुछ साथी अचानक वहां पहुंचे और नगदी झपट कर फरार हो गए। शोर मचाने पर काला धन की बात पकड़ में आने के डर से व्यापारी शातिर युवकों की खुशामद करते रहे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें डरा धमका भगा दिया। ये मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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अधिकांश युवकों की पहचान भी सबकी जुबान पर है। लेकिन पुलिस इससे अंजान है। जबकि सूत्र यह पूरा प्रकरण कुछ पुलिसकर्मियों की जानकारी में होने का दावा भी करते हैं। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी नवीन चंद्र सेमवाल और रानीपुर कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया।
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पहले भी कर चुके ऐसी वारदात
शातिर युवक इससे पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। नोटबंदी के अलावा अलग अलग बहाने से लोगों के साथ ठगी की जा चुकी है। सूत्र बताते हैं कि कुछ युवक ठगी के मामले में पहले जेल भी जा चुके हैं। इस बार प्लान में ज्यादा लोग शामिल होने के कारण मामला लीक होने पर चर्चाओं में आ गया। पुलिस और इनकम टैक्स विभाग गहनता से पड़ताल करे तो कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।