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2000 के नोट मिले लेकिन ‘चले’ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 12 Nov 2016 09:59 PM IST
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बड़े नोट बंद होने से परेशान लोगों को तीसरे दिन भी राहत नहीं मिली। शहर से देहात तक बैंकों और डाकघरों में पैसे लेने के लिए लोगों की दिनभर कतारें लगी रही। घंटों कतारों में लगने के बाद ग्राहकों को बैंकों से दो-दो हजार रुपये के नोट तो दिए गए लेकिन, बाजार में छोटे नोट नहीं होने के चलते किसी दुकानदार और व्यापारी ने इसे लेने से साफ इनकार कर दिया। जिसकी वजह से अधिकतर ग्राहकों की परेशानी पैसे होने के बाद भी ज्यों के त्यों बनी हुई है। दूसरी ओर बैंकों में तीसरे दिन भी चार-चार हजार और दस-दस हजार रुपये लेने के लिए कतारें लगी रही। लोगों की परेशानी को देखते हुए आज रविवार को भी बैंक खुले रहेंगे।
शनिवार को अवकाश होने पर भी बैंकों में लेनदेन हुआ। सुबह दस बजे से शहर के सभी बैंकों में रुपये बदलने के लिए लोगों की कतारें लगी रही लेकिन, एटीएम नहीं चले। दोपहर में एटीएम में रुपये मिलने शुरू हुए। गोल गुरुद्वारा निवासी व्यापारी नेता अनुज सिंह ने बताया कि लाइन में लगकर बैंक ने उन्हें दो-दो हजार रुपये दिए। नई मुद्रा मिलने पर वह बेहद खुश थे लेकिन, बाजार में जब सब्जी वाले को यह नोट दिया तो उसने छोटे नोट नहीं होने के कारण इसे लेने से इनकार कर दिया। अन्य दुकानों में भी खुले पैसे नहीं होने के कारण सामान नहीं मिला। अनुज सिंह ने बताया कि यही बात दोहराई। इसके अलावा सिडकुल के साथ अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक अवकाश लेकर नोट बदलवाने के लिए बैंकों में लाइनों में लग रहे हैं।
शादियों में नहीं उड़ रहे नोट
शादियों में सबसे अधिक रुपयों की जरूरत पड़ती है। रुपयों की कमी के चलते शादियों में कन्यादान के लिए भी खुले रुपये नहीं मिल रहे हैं। दूल्हे पर भी नोट नहीं बरसाए जा रहे हैं।
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रोडवेज बसों को नहीं मिल रहे यात्री
रोडवेज बसों को यात्री नसीब नहीं हो रहे हैं। हाथरस डिपो के परिचालक विजय कुमार ने बताया कि अधिकतर यात्री 500 एवं 1000 रुपये का नोट दे रहे हैं लेकिन, खुले नोट नहीं होने पर यात्रियों को पहले ही अवगत करा दिया जाता है। ऐसे में यात्री बसों में नहीं चढ़ रहे हैं। जिसकी वजह से बसें खाली आ जा रही हैं।
पुराने नोट भी लिए
सर्व उत्तरांचल बैंक में एक ग्राहक वर्ष 2005 के 500 रुपये के नोट जमा कर गया। शनिवार रात जब बैंक बंद करते समय नोटों की जांच की गई तो इससे स्टाफ में हड़कंप मच गया। मालूम हो कि ऐसे नोटों को लेने से मना किया गया है।
प्रमुख बैंकों के एटीएम चौथे दिन भी खुले
प्रमुख बैंक पीएनबी और एसबीआई के एटीएम चौथे दिन भी बंद रहे। जबकि शहर के प्रमुख स्थानों पर इन दोनों ब्रांचों के एटीएम है। सिंहद्वार, चंद्राचार्य चौक, मायापुर, रेलवे स्टेशन, अपर रोड, आर्यनगर, जगजीतपुर आदि स्थानों पर दोनों बैंकों के एटीएम मौजूद होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। रेलवे स्टेशन पर दोनों बैंकों के एटीएम पर खराब होने की सूचना लगाई गई है। शहर में यूनियन बैंक, कैनरा बैंक में ही दो-दो हजार रुपये मिले, लेकिन शाम होने तक यह फिर खाली हो गए।
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शनिवार को अवकाश होने पर भी बैंकों में लेनदेन हुआ। सुबह दस बजे से शहर के सभी बैंकों में रुपये बदलने के लिए लोगों की कतारें लगी रही लेकिन, एटीएम नहीं चले। दोपहर में एटीएम में रुपये मिलने शुरू हुए। गोल गुरुद्वारा निवासी व्यापारी नेता अनुज सिंह ने बताया कि लाइन में लगकर बैंक ने उन्हें दो-दो हजार रुपये दिए। नई मुद्रा मिलने पर वह बेहद खुश थे लेकिन, बाजार में जब सब्जी वाले को यह नोट दिया तो उसने छोटे नोट नहीं होने के कारण इसे लेने से इनकार कर दिया। अन्य दुकानों में भी खुले पैसे नहीं होने के कारण सामान नहीं मिला। अनुज सिंह ने बताया कि यही बात दोहराई। इसके अलावा सिडकुल के साथ अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक अवकाश लेकर नोट बदलवाने के लिए बैंकों में लाइनों में लग रहे हैं।
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शादियों में नहीं उड़ रहे नोट
शादियों में सबसे अधिक रुपयों की जरूरत पड़ती है। रुपयों की कमी के चलते शादियों में कन्यादान के लिए भी खुले रुपये नहीं मिल रहे हैं। दूल्हे पर भी नोट नहीं बरसाए जा रहे हैं।
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रोडवेज बसों को नहीं मिल रहे यात्री
रोडवेज बसों को यात्री नसीब नहीं हो रहे हैं। हाथरस डिपो के परिचालक विजय कुमार ने बताया कि अधिकतर यात्री 500 एवं 1000 रुपये का नोट दे रहे हैं लेकिन, खुले नोट नहीं होने पर यात्रियों को पहले ही अवगत करा दिया जाता है। ऐसे में यात्री बसों में नहीं चढ़ रहे हैं। जिसकी वजह से बसें खाली आ जा रही हैं।
पुराने नोट भी लिए
सर्व उत्तरांचल बैंक में एक ग्राहक वर्ष 2005 के 500 रुपये के नोट जमा कर गया। शनिवार रात जब बैंक बंद करते समय नोटों की जांच की गई तो इससे स्टाफ में हड़कंप मच गया। मालूम हो कि ऐसे नोटों को लेने से मना किया गया है।
प्रमुख बैंकों के एटीएम चौथे दिन भी खुले
प्रमुख बैंक पीएनबी और एसबीआई के एटीएम चौथे दिन भी बंद रहे। जबकि शहर के प्रमुख स्थानों पर इन दोनों ब्रांचों के एटीएम है। सिंहद्वार, चंद्राचार्य चौक, मायापुर, रेलवे स्टेशन, अपर रोड, आर्यनगर, जगजीतपुर आदि स्थानों पर दोनों बैंकों के एटीएम मौजूद होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। रेलवे स्टेशन पर दोनों बैंकों के एटीएम पर खराब होने की सूचना लगाई गई है। शहर में यूनियन बैंक, कैनरा बैंक में ही दो-दो हजार रुपये मिले, लेकिन शाम होने तक यह फिर खाली हो गए।