सभी धर्मों में सर्वश्रेष्ठ सनातन धर्म: शंकराचार्य
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हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि शिकागो सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद ने सनातन धर्म को सभी धर्मों के समान बताया था, लेकिन सनातन धर्म सभी धर्मों से ऊपर है। सनातन धर्म का अपना अलग महत्व है, क्योंकि सभी धर्मों में प्रलोभन छुपा है, लेकिन सनातन धर्म में नहीं है। उन्होंने यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम शाह के महाराष्ट्र में गोहत्या प्रतिबंध के विरोध में दिए गए बयान पर कहा कि वह नहीं चाहते कि गौवंश को बचाकर देश में रामराज्य कायम हो। उन्होंने रावण और दुर्योधन राज का हवाला देते हुए कहा कि भले ही यह शासक हिंदू रहे हो, लेकिन इनके कार्यकाल को रामराज्य नहीं कहा जा सकता।
शुक्रवार को कनखल स्थित मठ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि धर्मों को लेकर कोई भ्रांति न बनाए, सनातन संस्कृति और धर्म सबसे ऊपर है। उन्होंने शनि और साईं पर फिर प्रहार किया। बोले की शनि ग्रह है, शनि के प्रकोप से बचने के लिए अंगुठियों में नग पहनते है। ग्रहों से बचने के लिए जन्मकुंडली बनवाकर दिखाते है और उपाय करते हैं। उन्होंने साईं की पूजा से दूरी बनाने को आह्वान करते हुए कहा कि शिरडी से साईं की पूजा करने को मूर्तियां देश में भेजी जा रही है। मंत्रों, ग्रंथों, महाकाव्यों में साईं का नाम जोड़ा जा रहा है, जोकि गलत है। उन्होंने कहा कि आस्था और अंधविश्वास में अंतर है। उन्होंने तृप्ति देसाई के बारे में कहा कि उन्हें महिलाओं की वकालत नहीं करनी चाहिए, सिर्फ अपनी वकालत करें। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उन पर आरोप लगाए जो रहे है यदि धन का लालच होता तो वह रेशमी वस्त्र पहनते, सोने के बर्तनों में अन्य व्यंजनों का प्रयोग करते। लेकिन सबकुछ होते हुए भी वह लकड़ी के पात्रों में सात्विक भोजन करते हैं और साधारण कपड़े पहनते है। उन्होंने आरएसएस पर भी जमकर निशाना साधा। कहा कि वह भगवान, शनि, साईं पर स्पष्ट करें और उनके बारे में तभी कुछ बोले।
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कोई राजनीति की बात नहीं हुई
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने पूर्व सीएम विजय बहुगुणा से हुई मुलाकात को आपसी बातचीत बताया। उन्होंने कहा कि विजय बहुगुणा से उनकी राजनीति पर कोई बातचीत नहीं हुई। केवल शंकराचार्य की समाधि के जीर्णोद्धार पर चर्चा हुई और इसके लिए राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया है। राज्यपाल से अनुमति मांगी गई है, ताकि जनता के सहयोग से जीर्णोद्धार कर 11 मई तक कार्य पूरा कर पूजा पाठ कराया जा सके।