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आयुषी की दिलेरी ने बचाई घर वालों की जान
hridwar uttrakhanda india
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:13 AM IST
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आयुषी ने दिखाई हिम्मत
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। गुलदार घर में आ धमका इसका पता भले ही आयुषी के पिता राजेंद्र कुमार जैन को सबसे पहले लगा हो, लेकिन बहादुर बिटिया आयुषी की दिलेरी ही थी कि गुलदार से सभी परिजनों की जान बच गई। आयुषी बेड शीट लेकर गुलदार की तरफ दौड़ पड़ी जिससे गुलदार के कदम ठिठक गए और वह किसी को नुकसान पहुंचाने के बजाय अपनी जान बचाने के लिए एक कमरे में घुस गया जहां उसे कैद कर लिया गया।
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निर्मला छावनी स्थित कालोनी में रविवार की सुबह नौ बजे व्यापारी राजेंद्र जैन के घर में गुलदार घुस आया। बीच वाले कमरे में सो रही आयुषी (18 वर्ष) ने अपने माता-पिता की चीखें सुनी तो वह भौचक्की रह गई। आयुषी बाहर की तरफ दौड़ी तो गुलदार उसके सामने खड़ा था। आयुषी ने हिम्मत नहीं हारी बल्कि बेड शीट को हाथ में लेकर गुलदार की तरफ दौड़ पड़ी। इससे ठिठका गुलदार चुपचाप कमरे में ही बैठ गयी जिसके बाद आयुषी ने पहले कमरे में सो रहे भाई रजत जैन को आवाज लगाई और फिर दोनों ने मिलकर गुलदार को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद आयुषी ने अपनी माता रचना जैन को बाहर निकाला। इस तरह आयुषी की बहादुरी से परिवार वालो की जान बच गई। गुलदार के आतंक के बीच हर तरफ आयुषी की बहादुरी की चर्चा होती रही।
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