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Haridwar News: चरणबद्ध आंदोलन करेंगे आयुर्वेद विवि के कर्मचारी, बैठक कर बनाई रणनीति
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माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने आंदोलन की रूपरेखा तय की है। उन्होंने पूर्व में दिए गए ज्ञापन और चेतावनी के बाद भी समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई। उच्चाधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इस प्रकरण को मुख्यमंत्री से संज्ञान लेने की मांग की है।
वहीं, विश्वविद्यालय के कुल सचिव रामजी शरण शर्मा का कहना है कि इस संबंध में कई बार की बैठक की गई है। वेतन भुगतान की समस्या का समाधान जल्द निकाला जाएगा। कुल सचिव का कहना है कि शासन स्तर पर लगातार वार्ता की जा रही है। उम्मीद है इसी सप्ताह वेतन भुगतान की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
बता दें कि तमाम आश्वासन के बाद भी जब वेतन भुगतान नहीं हुआ और पांचवें महीने का पहला सप्ताह बीत गया तो शिक्षणेत्तर कर्मियों ने फिर से आंदोलन पर उतरने का निर्णय लिया है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष खीमानंद भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान कर्मियों ने चरणबद्ध आंदोलन को शुरू करने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। इसमें कर्मचारियों ने पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया है।
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खीमानंद भट्ट ने कहा कि ऋषिकुल, गुरुकुल आयुर्वेद कॉलेज के अलावा मुख्य परिसर हर्रावाला में आंदोलन शुरू होगा। इस बार किसी आश्वासन पर नहीं समाधान होने पर ही आंदोलन को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के उदासीन रवैये के चलते कर्मचारियों को इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है।
बैठक में उत्तरांचल आयुर्वेद विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की संगठन मंत्री सुनीता चन्द्र तिवारी, जगजीत कैंतुरा, अनिल कुमार, लक्ष्मण वर्मा, ताजबर सिंह, मोहित कुमार, मनीष कुमार, चंदन सिंह, समीर पाण्डेय, मोहित मनोचा, अनिल सिंह नेगी माैजूद रहे।
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हरिद्वार। चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने आंदोलन की रूपरेखा तय की है। उन्होंने पूर्व में दिए गए ज्ञापन और चेतावनी के बाद भी समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई। उच्चाधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इस प्रकरण को मुख्यमंत्री से संज्ञान लेने की मांग की है।
वहीं, विश्वविद्यालय के कुल सचिव रामजी शरण शर्मा का कहना है कि इस संबंध में कई बार की बैठक की गई है। वेतन भुगतान की समस्या का समाधान जल्द निकाला जाएगा। कुल सचिव का कहना है कि शासन स्तर पर लगातार वार्ता की जा रही है। उम्मीद है इसी सप्ताह वेतन भुगतान की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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बता दें कि तमाम आश्वासन के बाद भी जब वेतन भुगतान नहीं हुआ और पांचवें महीने का पहला सप्ताह बीत गया तो शिक्षणेत्तर कर्मियों ने फिर से आंदोलन पर उतरने का निर्णय लिया है। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष खीमानंद भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान कर्मियों ने चरणबद्ध आंदोलन को शुरू करने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया। इसमें कर्मचारियों ने पूर्ण समर्थन देने का निर्णय लिया है।
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खीमानंद भट्ट ने कहा कि ऋषिकुल, गुरुकुल आयुर्वेद कॉलेज के अलावा मुख्य परिसर हर्रावाला में आंदोलन शुरू होगा। इस बार किसी आश्वासन पर नहीं समाधान होने पर ही आंदोलन को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन के उदासीन रवैये के चलते कर्मचारियों को इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है।
बैठक में उत्तरांचल आयुर्वेद विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की संगठन मंत्री सुनीता चन्द्र तिवारी, जगजीत कैंतुरा, अनिल कुमार, लक्ष्मण वर्मा, ताजबर सिंह, मोहित कुमार, मनीष कुमार, चंदन सिंह, समीर पाण्डेय, मोहित मनोचा, अनिल सिंह नेगी माैजूद रहे।