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सेना में लेफ्टिनेंट बनकर शुभम ने किया जिले का नाम रोशन
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ज्वालापुर की हरिलोक कालोनी निवासी शुभम सिंह तोमर बना सेना में लेफ्टिनेंट ।
- फोटो : HARIDWAR
ज्वालापुर की हरिलोक कालोनी निवासी शुभम सिंह तोमर ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर हरिद्वार जिले का नाम रोशन किया है। शुभम के पिता सेना में सूबेदार मेजर रह चुके हैं और उसकी पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय बीएचईएल में हुई थी।
शुभम का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के ग्राम शाहपुर बडौली का रहने वाला है। शुभम के पिता जगपाल सिंह तोमर सेना में सूबेदार मेजर के पद से रिटायर हुए हैं। सेना में रहते हुए कि कई साल पहले यह लोग ज्वालापुर की हरिलोक कालोनी में बस गए। जगपाल सिंह तोमर ने बताया कि शुभम ने कक्षा 12 की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय बीएचईएल हरिद्वार से अपने मामा विनय कुमार के पास रहकर पूरी की।
उन्होंने बताया कि इंटर करने के बाद शुभम का सलेक्शन एनडीए में हुआ। तीन साल की ट्रेनिंग नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) खड़कवासला, पुणे में पूरी की। इसके बाद दो साल की ट्रेनिंग आईएमए देहरादून से पूरी करने के बाद शनिवार को पासिंग आउट परेड के बाद वे विधिवत सैन्य अधिकारी बन गए। शुभम की मां रूपा तोमर गृहिणी हैं और छोटा भाई हर्ष तोमर आईआईटी की तृतीय वर्ष में पढ़ाई कर रहा है। शुभम के माता-पिता बेटे के अफसर पर बनने पर खुश हैं। इन लोगों को इस बात का मलाल है कि कोरोना संक्रमण के चलते वह बेटे की पासिंग आउट परेड में शामिल नहीं हो सके और अपने हाथों से उसके कंधों पर खुद सितारे नहीं लगा सके।
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शुभम का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के ग्राम शाहपुर बडौली का रहने वाला है। शुभम के पिता जगपाल सिंह तोमर सेना में सूबेदार मेजर के पद से रिटायर हुए हैं। सेना में रहते हुए कि कई साल पहले यह लोग ज्वालापुर की हरिलोक कालोनी में बस गए। जगपाल सिंह तोमर ने बताया कि शुभम ने कक्षा 12 की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय बीएचईएल हरिद्वार से अपने मामा विनय कुमार के पास रहकर पूरी की।
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उन्होंने बताया कि इंटर करने के बाद शुभम का सलेक्शन एनडीए में हुआ। तीन साल की ट्रेनिंग नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) खड़कवासला, पुणे में पूरी की। इसके बाद दो साल की ट्रेनिंग आईएमए देहरादून से पूरी करने के बाद शनिवार को पासिंग आउट परेड के बाद वे विधिवत सैन्य अधिकारी बन गए। शुभम की मां रूपा तोमर गृहिणी हैं और छोटा भाई हर्ष तोमर आईआईटी की तृतीय वर्ष में पढ़ाई कर रहा है। शुभम के माता-पिता बेटे के अफसर पर बनने पर खुश हैं। इन लोगों को इस बात का मलाल है कि कोरोना संक्रमण के चलते वह बेटे की पासिंग आउट परेड में शामिल नहीं हो सके और अपने हाथों से उसके कंधों पर खुद सितारे नहीं लगा सके।
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