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प्रयाग में होगी अखाड़ा परिषद की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Fri, 26 Aug 2016 10:53 PM IST
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक अब प्रयाग में होगी। परिषद की बैठक में कई मामलों में निर्णय लिया जाना है। गोरक्षा मामले में सभी तीर्थों के संतों से सहयोग मांगा गया है। यह विषय बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल रहेगा।
अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमंत हरिगिरि ने बताया कि कई विषय लंबित पड़े हैं। सभी प्रमुख तीर्थों पर साधुओं को जल समाधि की बजाय भू समाधि का सवाल चारों कुंभ नगरों में उठाया जा चुका है। इसके बावजूद भूमि उपलब्ध नहीं कराई। श्रीमहंत हरिगिरि ने बताया अखाड़ा परिषद संतों के कल्याण के लिए कई कदम उठाने जा रही है। देश भर में गोहत्या बंद करने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के सवाल पर आम सहमति तैयार करने का कार्य शुरू हो चुका है।
श्रीमहंत हरिगिरि ने बताया कि पर्यावरण को लेकर संत समाज भी चिंतित है। लेकिन जिस प्रकार होटलों के साथ आश्रमों और धर्मशालाओं को जोड़ा गया है वह चिंताजनक है। इसके खिलाफ अखाड़ा परिषद आंदोलन की भूमिका तैयार करेगी। प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा गया है। भारत साधु समाज, आश्रम परिषद, अखिल भारतीय संत समिति आदि संगठनों को भी विचार के लिए सभी प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। संभवत शीघ्र ही प्रयाग में बैठक आयोजित कर अहम मुद्दों पर निर्णय ले लिया जाएगा।
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अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमंत हरिगिरि ने बताया कि कई विषय लंबित पड़े हैं। सभी प्रमुख तीर्थों पर साधुओं को जल समाधि की बजाय भू समाधि का सवाल चारों कुंभ नगरों में उठाया जा चुका है। इसके बावजूद भूमि उपलब्ध नहीं कराई। श्रीमहंत हरिगिरि ने बताया अखाड़ा परिषद संतों के कल्याण के लिए कई कदम उठाने जा रही है। देश भर में गोहत्या बंद करने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के सवाल पर आम सहमति तैयार करने का कार्य शुरू हो चुका है।
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श्रीमहंत हरिगिरि ने बताया कि पर्यावरण को लेकर संत समाज भी चिंतित है। लेकिन जिस प्रकार होटलों के साथ आश्रमों और धर्मशालाओं को जोड़ा गया है वह चिंताजनक है। इसके खिलाफ अखाड़ा परिषद आंदोलन की भूमिका तैयार करेगी। प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा गया है। भारत साधु समाज, आश्रम परिषद, अखिल भारतीय संत समिति आदि संगठनों को भी विचार के लिए सभी प्रस्ताव भेज दिए गए हैं। संभवत शीघ्र ही प्रयाग में बैठक आयोजित कर अहम मुद्दों पर निर्णय ले लिया जाएगा।
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