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तहसीलदार को रिश्वत दिलाने वाला धरा
ब्यूूराो/ अमर उजाला रुड़की
Updated Sun, 10 Apr 2016 12:15 AM IST
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पुलिस ने पकड़ा दलाल
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। महाशक्ति चैरीटेबल ट्रस्ट को फर्जी वसीयत के आधार पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने में मुख्य भूमिका निभाने वाले दलाल अतीकुर्र रहमान भी शनिवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। इसके घर से जिलाधिकारी कार्यालय की मुहर, तहसील से जुड़े दस्तावेज, कई बैंकों में जमा की गई रकम की पर्चियां, पासबुक बरामद की गई हैं। जबकि फर्जी वसीयत बनाकर ट्रस्ट के स्वामी बनने में गिरफ्तार राधेश्याम (निवासी मिलानी गेट, झज्जर, हरियाणा) के समधी समेत चार आरोपी अब तक फरार हैं।
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शुक्रवार को पुलिस ने दावा किया था कि मुख्य आरोपी राधेश्याम गोयल ने राजस्व अभिलेखों में फर्जी वसीयत पर अपना नाम दर्ज करने के लिए दलाल अतीकुर्र रहमान के माध्यम से तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल को दो लाख रुपये की रिश्वत दी थी। शनिवार सुबह स्थानीय पुलिस ने दलाल अतीकुर्र रहमान पुत्र शफीक मूल निवासी बसंत विहार कालोनी, बरेली (यूपी) हाल निवासी पुरानी कचहरी कंपाउंड, देवापुर (हरिद्वार) को उसके घर से गिरफ्तार किया।
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इसके घर से पुलिस ने तहसीलदार कार्यालय से जुड़े दस्तावेज, डीएम कार्यालय की मुहर, 75 हजार रुपये, कई बैंकों में जमा रकम की पर्चियां, पासबुक बरामद की हैं। आईजी गढ़वाल रेंज संजय गुंज्याल ने बताया कि आरोपी राधेश्याम गोयल ने जब अपना नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराया था तब उसके बयान आरोपी दलाल ने ही अपने हाथ से लिखकर तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल को दिए थे। उसकी सत्यापित कॉपी एसआईटी ने पहले ही कब्जे में ले ली थी। अब उस आरोपी की लिखावट का मिलान बयान की कॉपी से कराया जाएगा। आईजी ने बताया कि यह तहसीलदार के खिलाफ एक पर्याप्त साक्ष्य के तौर पर मिला है।
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पूर्व में रहा संग्रह अमीन
हरिद्वार। तहसीलदार कार्यालय में दलाली करने वाला आरोपी अतीकुर्र रहमान पूर्व में सीजनल संग्रह अमीन रहा है। वर्ष 2008 के बाद उसका नवीनीकरण नहीं हो पाया था। वह तब से यहां रहकर तहसीलदार कार्यालय की दलाली में जुटा है।
कैसे रह रहा सरकारी आवास में
हरिद्वार। हैरानी की बात यह है कि कभी सीजनल संग्रह अमीन रहा अतीकुर्र रहमान सरकारी आवास में ठाठ से रहा है। पुरानी कचहरी कंपाउंड रेलवे स्टेशन के सामने आखिर उसे कैसे आवास मिला। यदि दे भी दिया था तो उसका नवीनीकरण होने के बाद आखिर आवास खाली क्यों नहीं कराया गया जबकि आवास के लिए सरकारी कर्मचारी दर-दर भटकते रहते हैं।
विदेश में पढ़ रहा बेटा
हरिद्वार। दलाल अतीकुर्र रहमान का एक बेटा फिलीपींस में एमबीबीएस कर रहा है। दूसरा बेटा और एक बेटी भी मेडिकल की पढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि आखिर मामूली नौकरी करने वाला सीजनल अमीन का बेटा विदेश में पढ़ाई कैसे कर रहा है। इसके अलावा दूसरा बेटा-बेटी महंगी पढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं।
कई निर्णय लिखे मिले घर से
हरिद्वार। पूर्व सीजनल संग्रह अमीन के घर से मिले दस्तावेजों में कई दस्तावेज भूमि संबंधी प्रकरणों के निर्णय के मिले हैं। यह सभी निर्णय उसने सब अपने हाथ से लिखे हैं। यही माना जा रहा है कि उसके लिखे निर्णय के आधार पर सत्यापित निर्णय किया गया होगा। स्थानीय पुलिस अब उन निर्णयों की भी सत्यापित कॉपी तहसील से लेगा ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो पाए।
दलाल ने ही साधा था संपर्क
हरिद्वार। झज्जर (हरियाणा) निवासी मुख्य आरोपी राधेश्याम गोयल से दलाल ने ही संपर्क साधा था। बाकायदा हरिद्वार तहसील से ट्रस्ट के कागजात एवं संस्थापक स्वर्गीय सुदेश बहन का मृत्यु प्रमाणपत्र निकलवाया था। फिर फर्जी वसीयत हरियाणा में बनवाने का कार्य आरोपी राधेश्याम ने ही किया था।
क्या है मामला
शांतिकुंज के पास महाशक्ति चैरिटेबल ट्रस्ट है। इसके मैनेजर विजय कुमार ने एसआईटी से शिकायत कर बताया था कि आश्रम की संस्थापक सुदेश बहन पुत्री जंगीमल निवासी कनखल ने वर्ष 2004 में ट्रस्ट की स्थापना की थी। 30 अक्तूबर वर्ष 2013 में उनकी मौत हो गई थी। लेकिन मौत से पहले उन्होंने पांच रिश्तेदारों को ट्रस्ट में नामित किया था। आरोप था कि मिलानी गेट, झज्जर हरियाणा के रहने वाले राधेश्याम ने अपने समधी जयप्रकाश गर्ग निवासी हिसार के साथ मिलकर एक फर्जी वसीयत तैयार की थी और अपने नाम दाखिल खारिज भी करा लिया था। जबकि 27 सितंबर 2013 को जब झज्जर हरियाणा में वसीयत कराई जानी बताई गई तब ट्रस्ट की अध्यक्ष सुमन बहन कनखल के एक अस्पताल में भर्ती थी। झज्जर में जहां का रहना उनका बताया गया था वह पता भी फर्जी निकला है। यह सब आरोप एसटीआई की जांच में सही पाए गए हैं।