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टाइगर का शिकार करने वाले दबोचे
Haridwar
Updated Sat, 09 Mar 2013 05:32 AM IST
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हरिद्वार। सुअर के मांस के जरिए टाइगर का शिकार करने वाले दो शिकारियों को पार्क अधिकारियों और एसओजी टीम ने राजाजी नेशनल पार्क की गौहरी रेंज से धर दबोचा। शिकार करने वाले लोग क्षेत्र के वन गुजर हैं। पूछताछ में दोनों ने टाइगर का शिकार करने की बात कबूली है। आरोपियों ने पार्क अधिकारियों को यह बताया कि टाइगर आए दिन उनके मवेशियों का शिकार कर रहा था।
आठ फरवरी को गौहरी रेंज के विदासिनी कंपार्टमेंट के कक्ष संख्या छह में सुअर का मांस खाने से चार साल के एक नर टाइगर की मौत हो गई थी। शुरू से मांस में जहर देकर टाइगर के शिकार की आशंका जताई जा रही थी। जांच अधिकारियों ने मांस और टाइगर का बिसरा परीक्षण के लिए भारतीय पशु अनुसंधान केंद्र बरेली भेजा था। जिसमें पाया गया कि टाइगर की मौत सुअर का जहरीला मांस खाने से हुई है। इसके बाद पार्क अधिकारियों ने अपनी जांच शुरू की। शक की सुई गौहरी रेंज के गुर्जरों की ओर पहले से घूम रही थी। पार्क अधिकारियों ने गुर्जरों के बयान भी दर्ज किए थे। पशु अनुसंधान की रिपोर्ट आने के बाद पार्क अधिकारियों ने एक जांच नए सिरे से फिर शुरू की। बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे पार्क की गौहरी रेंज से टाइगर का शिकार करने वाले सद्दाम और अब्दुल गनी को धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने शिकार की बात स्वीकारी। आरोपियों के मुताबिक टाइगर लगातार उनके मवेशियों का शिकार कर रहा था। जिसके चलते उन्होंने टाइगर को ही मार डाला। चीला रेंज के वन्यजीव प्रतिपालक एवं जांच अधिकारी विक्रम सिंह तोमर ने बताया कि आरोपियोें को पौड़ी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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कई राज खुलने की उम्मीद
हरिद्वार। वन गुर्जरों की गिरफ्तारी से कई राज खुलने की उम्मीद पार्क अधिकारी जता रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कई गुर्जर शक के दायरे में हैं। पूछताछ में आरोपी सद्दाम और अब्दुल गनी ने कुछ अन्य गुर्जरों के नाम भी गिनाए हैं। उनमें से कई बस्ती गैंडी खाता में रहते हैं। जबकि कुछ के तार वन्यजीव तस्करों के साथ भी जुड़े हुए हैं।
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