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नगर निगम बोर्ड की अंतिम बजट बैठक पर गैरसेंण का ब्रेक
Updated Sun, 25 Mar 2018 11:51 PM IST
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हरिद्वार।
वर्तमान नगर निगम बोर्ड की सोमवार को प्रस्तावित अंतिम बजट बैठक पर गैरसैंण विधानसभा सत्र के चलते ब्रेक लग गया है। विधानसभा और लोकसभा सत्र की अवधि में बोर्ड की बैठक नहीं करने की संवैधानिक बाध्यता है। नगर निगम बोर्ड में दो विधायक और एक सांसद भी पदेन सदस्य हैं। उनके अपने-अपने सत्र में रहने के कारण नगर निगम बोर्ड की बजट जैसी महत्वपूर्ण बैठक नहीं हो सकती है।
मेयर मनोज गर्ग ने इस संबंध में रविवार को भाजपा के पार्षदों के साथ बैठक की और उनकी सहमति से बोर्ड की अंतिम बजट बैठक स्थगित करने का निर्णय लिया। मेयरा के निर्देश पर नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने शुक्रवार को ही बोर्ड के सदस्यों को सोमवार को पेश होने वाले बजट प्रस्ताव बैठक की सूचना भिजवाई थी। तभी से बैठक होने न होने को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर मेयर ने रविवार को विराम लगा दिया है। सोमवार की बजट बैठक को लेकर प्रतिपक्ष ने भी कमर कस ली थी। उसके तेवरों को देखते हुए बजट प्रस्तावों को काफी हंगामा होने के आसार थे। कांग्रेस पार्षद सतेंद्र वर्मा ने तो इसकी पूरी तैयारी कर ली थी। विज्ञप्ति जारी कर अपने इरादा जाहिर भी कर दिया था। उन्होंने मेयर पर कई घोटालों का आरोप लगाया है। उषा ब्रेको रोपवे का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल आया है। उन्होंने कहा कि उषा ब्रेको की लीज बढ़ाने का प्रस्ताव कभी बोर्ड में आया ही नहीं है और मेयर ने स्वयं ही लीज बढ़ा दी। एक करोड़ 37 लाख हजार 51 रुपये की वसूली को दबा दिया गया है। बजट प्रस्ताव के हवाले से सतेंद्र वर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 में उषा ब्रेको को फ्री छोड़ा गया है। सलेज फार्म की आय में सात लाख की कमी आई है। जिसके लिए मेयर जिम्मेदार हैं। पार्षद ने कहा कि बजट प्रस्तावों से कई वित्तीय अनियमितताओं का पता चलता हैै। नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार ने कहा कि बजट बैठक स्थगित होने से बजट प्रस्तावों के अध्ययन का और मौका मिल गया है और कांग्रेसी पार्षद भाजपा के बोर्ड का कच्चा चिट्ठा सदन के अंदर और बाहर खोलेंगे।
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वर्तमान नगर निगम बोर्ड की सोमवार को प्रस्तावित अंतिम बजट बैठक पर गैरसैंण विधानसभा सत्र के चलते ब्रेक लग गया है। विधानसभा और लोकसभा सत्र की अवधि में बोर्ड की बैठक नहीं करने की संवैधानिक बाध्यता है। नगर निगम बोर्ड में दो विधायक और एक सांसद भी पदेन सदस्य हैं। उनके अपने-अपने सत्र में रहने के कारण नगर निगम बोर्ड की बजट जैसी महत्वपूर्ण बैठक नहीं हो सकती है।
मेयर मनोज गर्ग ने इस संबंध में रविवार को भाजपा के पार्षदों के साथ बैठक की और उनकी सहमति से बोर्ड की अंतिम बजट बैठक स्थगित करने का निर्णय लिया। मेयरा के निर्देश पर नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने शुक्रवार को ही बोर्ड के सदस्यों को सोमवार को पेश होने वाले बजट प्रस्ताव बैठक की सूचना भिजवाई थी। तभी से बैठक होने न होने को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर मेयर ने रविवार को विराम लगा दिया है। सोमवार की बजट बैठक को लेकर प्रतिपक्ष ने भी कमर कस ली थी। उसके तेवरों को देखते हुए बजट प्रस्तावों को काफी हंगामा होने के आसार थे। कांग्रेस पार्षद सतेंद्र वर्मा ने तो इसकी पूरी तैयारी कर ली थी। विज्ञप्ति जारी कर अपने इरादा जाहिर भी कर दिया था। उन्होंने मेयर पर कई घोटालों का आरोप लगाया है। उषा ब्रेको रोपवे का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल आया है। उन्होंने कहा कि उषा ब्रेको की लीज बढ़ाने का प्रस्ताव कभी बोर्ड में आया ही नहीं है और मेयर ने स्वयं ही लीज बढ़ा दी। एक करोड़ 37 लाख हजार 51 रुपये की वसूली को दबा दिया गया है। बजट प्रस्ताव के हवाले से सतेंद्र वर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 में उषा ब्रेको को फ्री छोड़ा गया है। सलेज फार्म की आय में सात लाख की कमी आई है। जिसके लिए मेयर जिम्मेदार हैं। पार्षद ने कहा कि बजट प्रस्तावों से कई वित्तीय अनियमितताओं का पता चलता हैै। नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार ने कहा कि बजट बैठक स्थगित होने से बजट प्रस्तावों के अध्ययन का और मौका मिल गया है और कांग्रेसी पार्षद भाजपा के बोर्ड का कच्चा चिट्ठा सदन के अंदर और बाहर खोलेंगे।
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