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भीमकुंड में गंगाजल लाने का भगीरथ प्रयास शुरू
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। महाभारतकालीन भीमकुंड में फिर से गंगाजल लाने कि हलए सिंचाई विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। भीमकुंड को पुराने स्वरूप में लाने तथा सुंदरीकरण आदि कार्यों के लिए कुंभ योजना से विभाग ने 30 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा है। सिंचाई विभाग की सक्रियता से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि हभीमकुंड को सीवरकुंड से मुुक्ति मिल जाएगी।
शुक्रवार को सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता सुंदर लाल कुड़ियाल ने अधीनस्थों के साथ भीमकुंड का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अंग्रेजों की ओर से भीमकुंड में गंगाजल की धारा लाने के लिए बनाई भूमिगत टनल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंद भूमिगत टनल को फिर चालू किया जा सकता है। इसके साथ ही भीमकुंड से गंदे पानी की निकासी की रुकावट को दूर किया जा सकता है। ईई कुड़ियाल ने बताया कि जनहित में 30 लाख रुपये का प्रपोजल बनाकर कुंभ योजना में शामिल करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। उनके साथ सहायक अभियंता दिनेश उनियाल एवं अवर अभियंता तोमर भी शामिल थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पूर्व पार्षद लखनलाल चौहान, जय प्रकाश बडोनी, रविंद्र मिश्रा, राजकुमार अग्रवाल, कैलाश भट्ट, राजेश कुकरेती, कौशल काका, आशीष जैन, विकास शर्मा, शुभम नौटियाल व मोहित शर्मा भीमकुंड के धार्मिक व पौराणिक महत्व के साथ ही उसकी दुर्दशा के कारणों से अवगत कराया। लखन लाल चौहान ने बताया कि डीएम से मिलकर सिंचाई विभाग को धनराशि दिलाने का अनुरोध किया जाएगा।
हरिद्वार। महाभारतकालीन भीमकुंड में फिर से गंगाजल लाने कि हलए सिंचाई विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। भीमकुंड को पुराने स्वरूप में लाने तथा सुंदरीकरण आदि कार्यों के लिए कुंभ योजना से विभाग ने 30 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा है। सिंचाई विभाग की सक्रियता से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि हभीमकुंड को सीवरकुंड से मुुक्ति मिल जाएगी।
शुक्रवार को सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता सुंदर लाल कुड़ियाल ने अधीनस्थों के साथ भीमकुंड का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अंग्रेजों की ओर से भीमकुंड में गंगाजल की धारा लाने के लिए बनाई भूमिगत टनल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंद भूमिगत टनल को फिर चालू किया जा सकता है। इसके साथ ही भीमकुंड से गंदे पानी की निकासी की रुकावट को दूर किया जा सकता है। ईई कुड़ियाल ने बताया कि जनहित में 30 लाख रुपये का प्रपोजल बनाकर कुंभ योजना में शामिल करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। उनके साथ सहायक अभियंता दिनेश उनियाल एवं अवर अभियंता तोमर भी शामिल थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पूर्व पार्षद लखनलाल चौहान, जय प्रकाश बडोनी, रविंद्र मिश्रा, राजकुमार अग्रवाल, कैलाश भट्ट, राजेश कुकरेती, कौशल काका, आशीष जैन, विकास शर्मा, शुभम नौटियाल व मोहित शर्मा भीमकुंड के धार्मिक व पौराणिक महत्व के साथ ही उसकी दुर्दशा के कारणों से अवगत कराया। लखन लाल चौहान ने बताया कि डीएम से मिलकर सिंचाई विभाग को धनराशि दिलाने का अनुरोध किया जाएगा।
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