{"_id":"59270e7d4f1c1bc3395367a5","slug":"187-bandi-rakshak-in-the-province","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूबे को मिले 187 बंदीरक्षक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूबे को मिले 187 बंदीरक्षक
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 25 May 2017 10:34 PM IST
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सूबे को बृहस्पतिवार को 187 बंदरीक्षक मिल गए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पासिंग आउट परेड की सलामी और रिक्रूटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट जितेंद्र सिंह रावत को सीएम ने पुरस्कृत कर पीठ पथपाई। 40वीं वाहिनी पीएसी कैंपस में चल रहे तीन माह के प्रशिक्षण के बाद बृहस्पतिवार को 187 रिक्रूटों के पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ।
मुख्य अतिथि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मान प्रणाम लिया। फिर खुली जीप में परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी ड्यूटी को मेहनत और ईमानदारी के साथ निभाएं। सीएम ने रिक्रूटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई। सीएम ने बैच के सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट जितेंद्र सिंह रावत समेत दस रिक्रूट मेजर सिंह, आशीष प्रसाद, प्रवीण सिंह भंडारी, संदीप सिंह राणा, अंकित रतूडी, राजेश डिमरी, त्रिभुन सिंह रावत, विशांत, गौरव कुमार को परस्कृत किया। परेड कमांडर सचिन भारती, द्वितीय परेड कमांडर सय्यद जुबेर, तृतीय परेड कमांडर अशोक सिलोडी, फायरिंग में सर्वोत्तम कुलदीप कुमार और अनुशासन में सर्वोत्तम नरेंद्र सिंह को भी भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक देशराज कर्णवाल, सेनानायक अरुण मोहन जोशी, एटीसी की प्रधानाचार्य नीरू गर्ग, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, उप सेनानायक प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी ममता वोहरा, उप सेनानायक सुरजीत सिंह पंवार, अरुणा भारती, जेल अधीक्षक एसके सुखीजा, जेल अधीक्षक देहरादून महेंद्र सिंह ग्वाल, भाजपा नेता विकास तिवारी, विशाल गर्ग, संजीव चौधरी, नवनीत परमार, स्वदेश चौधरी, रवि जैसल, महिला नेत्री अश्वनी चौहान, कामिनी सडाना समेत अनेक भाजपाई, अधिकारी मौजूद रहे। आईजी पीवीके प्रसाद, सेनानायक आरएल शर्मा ने सीएम को स्मृति चिह्न भेंट किया।
एक- एक कर पांच रिक्रूट हुए बेहोश
चिलचिलाती धूप को कई रिक्रूट सहन नहीं कर पाए। परेड के बीच में ही एक- एक कर पांच रिकू्रट बेहोश होकर गिर पड़े। ये सब तब हुआ जब सीएम परेड की सलामी ले रहे थे या फिर संबोधित कर रहे थे। आनन- फानन में बेहोश होते रहे रिक्रूट को उठाकर पंडाल के बाहर ले जाया जाता रहा। फिर उन्हें उपचार दिलाया गया। रिक्रूट सुबह पांच बजे से परेड की तैयारी में जुटे थे।
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कंधे पर बैठाकर मनाई खुशी
पासिंग आउट परेड के बाद बंदीरक्षक बने रिकू्टों ने खुशी मनाई। एक- दूसरे को कंधे पर उठाकर खुशी का इजहार किया। परिजन भी इस खुशी में शामिल हुए। पासिंग आउट परेड के दौरान परिजन अपने- अपने मोबाइल फोन में यादगार पल को कैद करने में लगे रहे। मैदान के इर्द गिर्द खासी भीड़ लगी रही।
17 साल बाद हुई भर्ती
प्रदेश की जेलों के लिए बंदीरक्षकों की पहली बार भर्ती हुई है। जेलों में बंदीरक्षकों का टोटा है। 187 बंदीरक्षकों ने बृहस्पतिवार को शपथ ली तो शुक्रवार को बेलपडाव रामनगर नैनीताल में 183 बंदीरक्षक शपथ लेंगे। इस तरह कुल 370 बंदीरक्षक प्रदेश की जेलों को मिल गए अब काफी हद तक बंदीरक्षकों की कमी खत्म होगी।
सूबे की जेलों को बनाया जाएगा सुधार गृह
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जेलों में सकारात्मक कार्यक्रम चलाकर इन्हें सुधार गृह में परिवर्तित किया जाएगा। जहां कही भी जेलों से अपराध संचालन जैसी बातें आ रही है वहां प्रभावी कदम उठाकर हालात बदले जाएंगे। जेलों में जैमर लगाकर आपराधिक गतिविधियों को रोका जाएगा।
सीएम बृहस्पतिवार को 40वीं वाहिनी पीएसी कैंपस में आयोजित बंदीरक्षकों की परेड को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास को बढ़ावा देने के साथ ही कानून व्यवस्था की बेहतरी के लिए काम करने के लिए भी कृतसंकल्प है। प्रदेश की जेलों में सकारात्मक कार्यक्रम चलाकर वहां बंदियों का मन परिवर्तन कर उन्हें सुधार की राह पर लाने के लिए और प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि नए बंदीरक्षक मिलने से प्रदेश की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किए गए अधिकारियों को बचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई गाइड लाइन या निर्देश नहीं मिले हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस का संकल्प दोहराया। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गंगा की रक्षा के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर कार्य कर रही है। करीब सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं के टेंडर भी कर लिए गए है और डीपीआर की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही यह कार्य धरातल पर नजर आएंगे। इस दौरान शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक देशराज कर्णवाल समेत अनेक भाजपाई मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मान प्रणाम लिया। फिर खुली जीप में परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी ड्यूटी को मेहनत और ईमानदारी के साथ निभाएं। सीएम ने रिक्रूटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई। सीएम ने बैच के सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट जितेंद्र सिंह रावत समेत दस रिक्रूट मेजर सिंह, आशीष प्रसाद, प्रवीण सिंह भंडारी, संदीप सिंह राणा, अंकित रतूडी, राजेश डिमरी, त्रिभुन सिंह रावत, विशांत, गौरव कुमार को परस्कृत किया। परेड कमांडर सचिन भारती, द्वितीय परेड कमांडर सय्यद जुबेर, तृतीय परेड कमांडर अशोक सिलोडी, फायरिंग में सर्वोत्तम कुलदीप कुमार और अनुशासन में सर्वोत्तम नरेंद्र सिंह को भी भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक देशराज कर्णवाल, सेनानायक अरुण मोहन जोशी, एटीसी की प्रधानाचार्य नीरू गर्ग, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, उप सेनानायक प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी ममता वोहरा, उप सेनानायक सुरजीत सिंह पंवार, अरुणा भारती, जेल अधीक्षक एसके सुखीजा, जेल अधीक्षक देहरादून महेंद्र सिंह ग्वाल, भाजपा नेता विकास तिवारी, विशाल गर्ग, संजीव चौधरी, नवनीत परमार, स्वदेश चौधरी, रवि जैसल, महिला नेत्री अश्वनी चौहान, कामिनी सडाना समेत अनेक भाजपाई, अधिकारी मौजूद रहे। आईजी पीवीके प्रसाद, सेनानायक आरएल शर्मा ने सीएम को स्मृति चिह्न भेंट किया।
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एक- एक कर पांच रिक्रूट हुए बेहोश
चिलचिलाती धूप को कई रिक्रूट सहन नहीं कर पाए। परेड के बीच में ही एक- एक कर पांच रिकू्रट बेहोश होकर गिर पड़े। ये सब तब हुआ जब सीएम परेड की सलामी ले रहे थे या फिर संबोधित कर रहे थे। आनन- फानन में बेहोश होते रहे रिक्रूट को उठाकर पंडाल के बाहर ले जाया जाता रहा। फिर उन्हें उपचार दिलाया गया। रिक्रूट सुबह पांच बजे से परेड की तैयारी में जुटे थे।
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कंधे पर बैठाकर मनाई खुशी
पासिंग आउट परेड के बाद बंदीरक्षक बने रिकू्टों ने खुशी मनाई। एक- दूसरे को कंधे पर उठाकर खुशी का इजहार किया। परिजन भी इस खुशी में शामिल हुए। पासिंग आउट परेड के दौरान परिजन अपने- अपने मोबाइल फोन में यादगार पल को कैद करने में लगे रहे। मैदान के इर्द गिर्द खासी भीड़ लगी रही।
17 साल बाद हुई भर्ती
प्रदेश की जेलों के लिए बंदीरक्षकों की पहली बार भर्ती हुई है। जेलों में बंदीरक्षकों का टोटा है। 187 बंदीरक्षकों ने बृहस्पतिवार को शपथ ली तो शुक्रवार को बेलपडाव रामनगर नैनीताल में 183 बंदीरक्षक शपथ लेंगे। इस तरह कुल 370 बंदीरक्षक प्रदेश की जेलों को मिल गए अब काफी हद तक बंदीरक्षकों की कमी खत्म होगी।
सूबे की जेलों को बनाया जाएगा सुधार गृह
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जेलों में सकारात्मक कार्यक्रम चलाकर इन्हें सुधार गृह में परिवर्तित किया जाएगा। जहां कही भी जेलों से अपराध संचालन जैसी बातें आ रही है वहां प्रभावी कदम उठाकर हालात बदले जाएंगे। जेलों में जैमर लगाकर आपराधिक गतिविधियों को रोका जाएगा।
सीएम बृहस्पतिवार को 40वीं वाहिनी पीएसी कैंपस में आयोजित बंदीरक्षकों की परेड को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास को बढ़ावा देने के साथ ही कानून व्यवस्था की बेहतरी के लिए काम करने के लिए भी कृतसंकल्प है। प्रदेश की जेलों में सकारात्मक कार्यक्रम चलाकर वहां बंदियों का मन परिवर्तन कर उन्हें सुधार की राह पर लाने के लिए और प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि नए बंदीरक्षक मिलने से प्रदेश की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित किए गए अधिकारियों को बचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कोई गाइड लाइन या निर्देश नहीं मिले हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस का संकल्प दोहराया। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गंगा की रक्षा के लिए विस्तृत कार्ययोजना पर कार्य कर रही है। करीब सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं के टेंडर भी कर लिए गए है और डीपीआर की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही यह कार्य धरातल पर नजर आएंगे। इस दौरान शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक देशराज कर्णवाल समेत अनेक भाजपाई मौजूद रहे।