फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Haridwar News ›   यूपी के वन अफसर की गिरफ्तारी को कसी कमर

यूपी के वन अफसर की गिरफ्तारी को कसी कमर

Sat, 10 Mar 2018 12:05 AM IST
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
यूपी के वन अफसर की गिरफ्तारी को कसी कमर
हरिद्वार। वन विभाग की पांच सौ बीघा भूमि को खुर्द बुर्द करने के बहुचर्चित प्रकरण में फंसे यूपी के वन विकास निगम पूर्वी इलाहाबाद के महाप्रबंधक एके जैन ( तत्कालीन डीएफओ हरिद्वार वन प्रभाग ) के खिलाफ कार्रवाई को लेकर यूपी के राज्यपाल रामनाइक ने हरी झंडी दे दी है। हरी झंडी मिलने के बाद जांच एजेंसी सीबीसीआईडी ने तत्कालीन डीएफओ एके जैन की गिरफ्तारी के लिए एनबीडब्ल्यू जारी करने के लिए सीजेएम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को सीजेएम कोर्ट से एनबीडब्ल्यू मिलने की उम्मीद है। शुक्रवार को सीबीसीआईडी टीम सीजेएम कोर्ट में ही डटी रही
विज्ञापन

वर्ष 1995-96 में कनखल में गंगा से सटी वन विभाग की भूमि को खुर्द बुर्द करने का खेल शुरू हुआ था। वर्ष 2001 में तब तहसीलदार रहे जयपाल सिंह ने बीस अप्रैल 2001 को तत्कालीन डीएफओ एके जैन, लेखपाल भोपाल सिंह, सत्यवीर सिंह राणा (रजिस्ट्रार कानूनगो), समय सिंह (सहायक रजिस्ट्रार कानूनगो), अशोक कुमार, सुरेश गुप्ता (तहसीलदार) आरबी गुप्ता (वन क्षेत्राधिकारी), प्रेमप्रकाश (वन दारोगा), विशंबर दत्त पंत (बीट प्रभारी), हरीश चंद्र (सर्वेयर वन विभाग), सियाजुल हसन निवासी रामपुर रुड़की के खिलाफ धोखाधड़ी, दस्तावेजों की कूटरचना करने समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। तब प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई थी।
विज्ञापन

सीबीसीआईडी की जांच में कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई थी और उनकी गिरफ्तारी हुई थी। कुछ नामजद आरोपियों को क्लीन चिट भी दी गई थी। वन विभाग की करीब पांच सौ बीघा भूमि को सरकारी दस्तावेजों में दूसरे खसरे की बताकर आमजन के नाम करने का आरोप था। तब से तत्कालीन डीएफओ एके जैन की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। वे भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं इसलिए उनकी गिरफ्तारी शासन की अनुमति के बिना नहीं हो सकती थी। जांच एजेंसी सीबीसीआईडी ने उत्तराखंड शासन के माध्यम से यूपी के राज्यपाल को पत्राचार कर तत्कालीन डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति ले ली। अब सीबीसीआईडी ने वन अधिकारी का एनबीडब्ल्यू लेने की प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया। विवेचक निरीक्षक रविंद्र कुमार चमोली खुद पैरवी के लिए पहुंचे थे, लेकिन सीजेएम कोर्ट से अभी वारंट नहीं मिला। अब सोमवार को प्रार्थना पत्र पर सुनवाई होगी। तत्कालीन डीएफओ के बाद रेंजर आरबी गुप्ता अगला टॉरगेट है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed