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140 ईंट भट्ठों पर लटकी बंदी की तलवार

Tue, 22 Nov 2016 12:11 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Tue, 22 Nov 2016 12:11 AM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निशाने पर अब जिले के ईंट भट्ठे भी आ गए हैं। इस उद्योग पर एनजीटी की सख्ती के कारण ताले लटकने की नौबत आ गई है। जिला पंचायत की ओर से जिले के करीब 140 भट्ठा मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में चेताया गया है कि यदि उन्होंने 30 नवंबर तक जिले की पर्यावरण संघात निर्धारण समिति से एनओसी नहीं ली तो उन्हें सील कर दिया जाएगा।

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   हरिद्वार जिले में करीर्ब 150 इंट भट्ठे हैं। खासतौर पर हरिद्वार के लंढौरा क्षेत्र के ईंटों की देशभर में पहचान है। पिछले दिनों कराए गए सर्वेे में पाया गया था कि इन ईंट भट्ठों के पास पर्यावरण संरक्षण से संबंधित एनओसी नहीं है। एनजीटी की ओर से सभी भट्ठा मालिकों को पर्यावरण संबंधी मानक पूरे करने के आदेश दिए गए थे और लाइसेंस जारी करने वाली एजेंसी जिला पंचायत को मानक पूरे नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इस चेतावनी के बाद भी भट्ठा मालिक नहीं चेते और जिला पंचायत ने भी कार्रवाई नहीं की। सभी भट्ठा मालिकों के लाइसेंस नवीनीकरण 30 सितंबर तक किए जाने थे जो जिला पंचायत की ओर से इस शपथपत्र के साथ जारी कर दिए कि दो महीने में एनओसी प्राप्त कर लेंगे। 30 नवंबर तक की अंतिम तिथि दी गई है। इस अवधि में एनओसी नहीं लेने पर ईंट भट्ठे सीज कर दिए जाएंगे। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजीवनाथ त्रिपाठी ने बताया कि सभी भट्ठा मालिकों को स्पष्ट रूप से बता दिया गया है यदि एनओसी नहीं ली गई तो कार्रवाई की जाएगी।
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केवल 10 ने ली एनओसी
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी राजीव नाथ त्रिपाठी ने बताया कि जिले में करीब 150 ईंट भट्ठे हैं। अभी तक केवल दस ने ही एनओसी जमा कराई है। अब इसके लिए आवेदन करने में तेजी आ गई है।
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भट्ठा मालिकों को दी जानकारी
  ईंट भट्ठा मालिकों को पर्यावरण संरक्षण के लिए मदद कर रही जिला पंचायत की ओर से सोमवार को कंसल्टेंट भी बुलाए गए। मेरठ से आए कंसलटेंसी एजेंसी 21 सेंचुरी इंजीकोन प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि नवीन कुमार ने जिला पंचायत सभगार में ईंट भट्ठा मालिकों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि एनजीटी की सख्ती से बचने के लिए क्या उपाय करने हैं। उन्होंने बताया कि एक और जहां अत्याधुनिक प्रदूषण रहित तकनीक वाली चिमनियों का प्रयोग इस समय किया जा रहा है। वहीं ऐसे स्थानों पर मिट्टी  का खनन नहीं किया जा सकता जहां से नेशनल हाईवे, नदी, आबादी क्षेत्र आदि को नुकसान न पहुंचता हो। उन्होंने बताया कि एनओसी जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला पर्यावरण संघात निर्धारण समिति प्राधिकरण की ओर से प्रदान की जानी है।

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