{"_id":"5c670109bdec22738335f682","slug":"131550254345-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईपीएस कालेज के प्रबंधक की तलाश में जुटी एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईपीएस कालेज के प्रबंधक की तलाश में जुटी एसआईटी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
छात्रवृत्ति घोटाले में फरार चल रहे आईपीएस कॉलेज के प्रबंधक विवेक शर्मा की तलाश में एसआईटी जुटी हुई है लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा है। इधर, घोटाले की जांच तेजी से चल रही है।
पिछले दिनों एसआईटी ने करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में पहली गिरफ्तारी की थी। एसआईटी ने आईपीएस कॉलेज बेडपुर रूडकी के निदेशक अंकुर शर्मा को दबोचा था, जबकि उसका भाई कॉलेज प्रबंधक विवेक शर्मा हाथ नहीं आ सका था। सामने आया था कि दोनों भाइयों ने मिलकर करीब सवा छह करोड़ से अधिक की रकम दो साल में डकार ली थी। फर्जी प्रवेश दिखाकर पूरी रकम को ठिकाने लगाया गया था। एसआईटी ने दूसरे आरोपी विवेक शर्मा का गैर जमानती वारंट ले लिया था। अब एसआईटी उसकी तलाश में जुटी हुई है। कई संभावित स्थानों पर उसकी तलाश में दबिश भी दी गई लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। वहीं एसआईटी की जांच आगे बढ़ रही है।
कांग्रेस-भाजपा से नजदीकी
हरिद्वार। आईपीएस कॉलेज का संचालन कर रहे शर्मा बंधुओं की भाजपा कांग्रेस के नेताओं से खासी नजदीकी है। पिछले वर्ष दिसंबर में एक केंद्रीय राज्यमंत्री निदेशक अंकुर शर्मा के घर जन्मदिवस पर पहुंचे थे और फोटो भी सोशल मीडिया पर छाई हुई है। वहीं कॉलेज में होने वाले आयोजनों में भी कांग्रेसी विधायक से लेकर कई राजनेताओं के साथ खींची गई फोटो भी इसकी गवाही दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छात्रवृत्ति घोटाले में फरार चल रहे आईपीएस कॉलेज के प्रबंधक विवेक शर्मा की तलाश में एसआईटी जुटी हुई है लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ रहा है। इधर, घोटाले की जांच तेजी से चल रही है।
पिछले दिनों एसआईटी ने करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में पहली गिरफ्तारी की थी। एसआईटी ने आईपीएस कॉलेज बेडपुर रूडकी के निदेशक अंकुर शर्मा को दबोचा था, जबकि उसका भाई कॉलेज प्रबंधक विवेक शर्मा हाथ नहीं आ सका था। सामने आया था कि दोनों भाइयों ने मिलकर करीब सवा छह करोड़ से अधिक की रकम दो साल में डकार ली थी। फर्जी प्रवेश दिखाकर पूरी रकम को ठिकाने लगाया गया था। एसआईटी ने दूसरे आरोपी विवेक शर्मा का गैर जमानती वारंट ले लिया था। अब एसआईटी उसकी तलाश में जुटी हुई है। कई संभावित स्थानों पर उसकी तलाश में दबिश भी दी गई लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। वहीं एसआईटी की जांच आगे बढ़ रही है।
विज्ञापन
कांग्रेस-भाजपा से नजदीकी
हरिद्वार। आईपीएस कॉलेज का संचालन कर रहे शर्मा बंधुओं की भाजपा कांग्रेस के नेताओं से खासी नजदीकी है। पिछले वर्ष दिसंबर में एक केंद्रीय राज्यमंत्री निदेशक अंकुर शर्मा के घर जन्मदिवस पर पहुंचे थे और फोटो भी सोशल मीडिया पर छाई हुई है। वहीं कॉलेज में होने वाले आयोजनों में भी कांग्रेसी विधायक से लेकर कई राजनेताओं के साथ खींची गई फोटो भी इसकी गवाही दे रही है।
विज्ञापन