{"_id":"5b3bba3d4f1c1b77468b4673","slug":"121530640957-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ण्ण्ण्आरएफसी गोदाम से एक तरीके के हस्ताक्षरों से निकाला जा राशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ण्ण्ण्आरएफसी गोदाम से एक तरीके के हस्ताक्षरों से निकाला जा राशन
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। डीएम के निरीक्षण के दौरान आरएफसी के ज्वालापुर स्थित गोदाम से राशन वितरण के मामले में गड़बड़ी सामने आई है। ऐसे में डीएम ने गोदाम के अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी दीपक रावत ने मंगलवार को ज्वालापुर स्थित सरकारी राशन के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने देखा कि बिना तोले ही राशन गाड़ियों में भरा जा रहा था। उन्होंने पुराने तरीके के तराजू के बजाय इलेक्ट्रानिक तराजू लगाने को निर्देश दिए। उन्होंने सप्लाई रजिस्टर चेक किए तो देखा कि अलग-अलग नामों से किए गए हस्ताक्षरों की लिखावट एक जैसी थी। डीएम ने राशन की कालाबाजारी का शक जताते हुए वहां पर चावल भरवा रहे एक व्यक्ति से जानकारी ली तो पहले तो उसने स्वयं को राशन डीलर बताया, लेकिन जब उससे रजिस्टर में हस्ताक्षर कराने की बात पूछी तो उसने स्वयं को राशन डीलर सुरेंद्र रैना का पुत्र बताया। उसने बताया कि उसके पिता को पैरालाइसिस होने से वह राशन लेने आया है। डीएम के कई सवालों का वह कोई जवाब नहीं दे सका। इस पर डीएम ने डीएसओ राहुल शर्मा से उसकी दुकान पर खाद्यान्न चैक करने को निर्देश दिए। डीएम ने एसडीएम मनीष सिंह को रजिस्टर कब्जे में लेकर जांच कर हस्ताक्षर फर्जी पाए जाने पर केंद्र के अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने को कहा।
विज्ञापन
बाद में डीएम ने तहसील रोड पर बनी चौहान स्टील वैल्डिंग शॉप व गोदाम में विद्युत कनेक्शन नहीं होने पर डीएम ने दोनों दुकानें सील करते हुए ऊर्जा निगम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम की कार्रवाई देखने पर दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर भाग खड़े हुए। आरएफसी के गोदाम के बराबर में बने कबाड़ी के गोदाम की भूमि के अवैध कब्जे की शिकायत पर डीएम ने लेखपाल से कागज प्रस्तुत करने को कहा।
विज्ञापन
डीएम को जामुन का ऑफर देना पड़ा महंगा
डीएम दीपक रावत के निरीक्षण के दौरान एक क्लीनिक के मालिक डा. अजय राज गुप्ता का उन्हें जामुन एवं आम खाने का ऑफर मंहगा पड़ा। डीएम ने देखा कि जामुन और आम पॉलिथीन में रखे हैं। जिस पर डीएम ने डाक्टर पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।