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टस्कर हाथी के खौफ में 12 गांव

Sun, 03 Nov 2019 11:39 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 03 Nov 2019 11:39 PM IST
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12 villages in fear of tusker elephant
अजीतपुर में हाथियों की आवाजाही देखते वनकर्मी । - फोटो : HARIDWAR
एक किसान और महिला को मौत के घाट उतारने वाले हाथी से क्षेत्र के पंजनखेडी, जियापोता, अजीतपुर, मिस्सपुर, कटापुर, बिशनपुर कुंडी समेत 12 गांवों में दहशत है। हरिद्वार वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अधिकारी और कर्मचारी हाथी को लेकर रविवार दिनभर चप्पे-चप्पे की खाक छानते रहे। इस बीच वह हाथी से सतर्कता बरतने के लिए मुनादी भी करते रहे। खौफ का आलम यह है कि ग्रामीणों ने खेतों की तरफ भी रुख नहीं किया।
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बीते शनिवार जंगली हाथी ने पंजनखेडी निवासी किसान सुरेंद्र चौहान और जियापोता निवासी बबीता को पटक-पटककर मौत के घाट उतार दिया था। दो मौतों के बाद हरिद्वार से देहरादून तक हड़कंप रहा। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने डीएफओ आकाश वर्मा और रेंजर दिनेश नौडियाल को बंधक बना लिया था, जिन्हें क्षेत्रीय विधायक स्वामी यतीश्वरानंद से वार्ता और मुआवजा दिए जाने के आश्वासन के बाद छोड़ा गया। हरिद्वार वन प्रभाग के कंजरवेटर और राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के निदेशक पीके पात्रो शनिवार देर रात ही मौके पर हरिद्वार पहुंच गए थे। उन्होंने टस्कर हाथी के मूवमेंट और उससे सुरक्षा पर डीएफओ समेत अन्य अफसरों को दिशा-निर्देश दिए।
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45 हवाई फायर के बावजूद छिपा हाथी
जंगली हाथी को जंगल में खदेड़ने के लिए जियापोता में वनकर्मियों ने करीब 45 हवाई फायर किए। इसके साथ ही गंधक-पोटाश के प्रयोग से भी धमाका किया गया, लेकिन टस्कर खेतों में ही छिपा रहा।
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डीएम ने डीएफओ से सुरक्षा के वार्ता की
डीएम दीपेंद्र चौधरी ने रविवार को डीएफओ आकाश वर्मा और हरिद्वार रेंजर दिनेेश नौडियाल को बुलाकर किसान और महिला की मौत के बाद ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर बैठक की। सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

भेल क्षेत्र में फिर घुसा हाथियों का झुंड
भेल में एक बार फिर हाथियों का झुंड घुस गया। सुरेश्वरी देवी जंगल क्षेत्र से निकलकर आए इन हाथियों को देखकर लोगों से दहशत छा गई। मामले की सूचना पर रेंजर दिनेश नौडियाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्त के बाद हाथियों के झुंड को जंगल में पास खदेडा। इस क्षेत्र में सोलर फेंसिंग के बाद भी भेल क्षेत्र में हाथी आ रहे हैं, जो विभाग की कार्यशैली पर सवाल है।
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