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सीएमओ विहिन जनपद,, पटरी से उतरी व्यवस्थाएं
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:00 AM IST
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हरिद्वार। जनपद की चिकित्सा सेवाएं बिना मुखिया के चल रही हैं। सीएमओ के न होने से वित्त, दवा खरीददारी, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वित करने को दिशा निर्देश, विभिन्न तरह के मेडिकल लीगो, सर्टिफिकेट बनाने आदि के काम पूरे तरह से ठप हैं। यह स्थिति हाईकोर्ट की ओर से हटाए गए सीएमओ डा. अजय सिंह सैंगर के किसी अन्य डाक्टर को चार्ज न देने के बाद स्थिति बनी है।
विभाग की तरफ जूनियर चिकित्सक डा. अर्जुन सिंह सैंगर को सीएमओ बनाना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के साथ विभागीय कर्मचारियों पर भारी पड़ता ही जा रहा है। आठ दिनों से जिले में कोई न तो सीएमओ और न प्रभारी सीएमओ। सीएमओ के न होने से वित्त संबंधी सभी कार्य ठप हो गए हैं। जिले के एनएचएम के 350 अधिकारी और कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हो सका है। एंटी रैबीज वैक्सीन का संकट बना हुआ। रैबीज का वैक्सीन हर रोज खरीदा जाता है। जबकि जिला अस्पताल में हर रोज पंद्रह से बीस कुत्ते के काटे मरीज पहुंचते हैं। इन लोगों को अब बाहर से महंगे दामों पर वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है।
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विभाग की तरफ जूनियर चिकित्सक डा. अर्जुन सिंह सैंगर को सीएमओ बनाना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के साथ विभागीय कर्मचारियों पर भारी पड़ता ही जा रहा है। आठ दिनों से जिले में कोई न तो सीएमओ और न प्रभारी सीएमओ। सीएमओ के न होने से वित्त संबंधी सभी कार्य ठप हो गए हैं। जिले के एनएचएम के 350 अधिकारी और कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं हो सका है। एंटी रैबीज वैक्सीन का संकट बना हुआ। रैबीज का वैक्सीन हर रोज खरीदा जाता है। जबकि जिला अस्पताल में हर रोज पंद्रह से बीस कुत्ते के काटे मरीज पहुंचते हैं। इन लोगों को अब बाहर से महंगे दामों पर वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है।
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