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नगर निगम बोर्ड के प्रस्तावों को भाव नहीं देते अधिकारी
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:08 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
नगर निगम बोर्ड की ओर से पारित प्रस्तावों पर अधिकारी अमल नहीं कर रहे हैं। 29 जनवरी को हुई बैठक में बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में चित्रा टाकीज के सामने से देवपुरा तक हटाए गए खोखाधारकों को जगजीतपुुुर-मिस्सरपुर में दुकानों का निर्माण करने के लिए 3 गुणा 5 मीटर माप भूमि देने का प्रस्ताव पारित किया था। 15 दिन में आवंटन प्रक्रिया पूर्ण होनी थी। बावजूद इसके अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थिति यह है कि बैठक में पारित प्रस्ताव पर अमल होना तो दूर कार्यवाही लिखने में ही एक महीने से भी अधिक का समय लग गया। शुक्रवार को ही विभागाध्यक्षों को उसका वितरण किया गया है। जबकि नियमानुसार बोर्ड बैठक की कार्यवाही की प्रतियां बैठक के बाद एक सप्ताह में उपलब्ध करानी होती है। बोर्ड ने दुकानों के निर्माण के लिए भूमि आवंटन 15 दिन के अंदर करने का प्रस्ताव इसलिए किया था, ताकि निकाय चुनाव से पहले खोखाधरकों को पुनर्वासित कर चुनाव में भी इसका लाभ लिया जा सके। मेयर मनोज गर्ग का कहना है कि कार्यवाही आने के बाद उन्होंने एक बार फिर खोखाधारकों को दुकान निर्माण के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया है। लघु व्यापारिक समिति के अध्यक्ष चोखेलाल का आरोप है कि जानबूझकर समस्या को लटकाया जा रहा है।
हरिद्वार।
नगर निगम बोर्ड की ओर से पारित प्रस्तावों पर अधिकारी अमल नहीं कर रहे हैं। 29 जनवरी को हुई बैठक में बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में चित्रा टाकीज के सामने से देवपुरा तक हटाए गए खोखाधारकों को जगजीतपुुुर-मिस्सरपुर में दुकानों का निर्माण करने के लिए 3 गुणा 5 मीटर माप भूमि देने का प्रस्ताव पारित किया था। 15 दिन में आवंटन प्रक्रिया पूर्ण होनी थी। बावजूद इसके अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
स्थिति यह है कि बैठक में पारित प्रस्ताव पर अमल होना तो दूर कार्यवाही लिखने में ही एक महीने से भी अधिक का समय लग गया। शुक्रवार को ही विभागाध्यक्षों को उसका वितरण किया गया है। जबकि नियमानुसार बोर्ड बैठक की कार्यवाही की प्रतियां बैठक के बाद एक सप्ताह में उपलब्ध करानी होती है। बोर्ड ने दुकानों के निर्माण के लिए भूमि आवंटन 15 दिन के अंदर करने का प्रस्ताव इसलिए किया था, ताकि निकाय चुनाव से पहले खोखाधरकों को पुनर्वासित कर चुनाव में भी इसका लाभ लिया जा सके। मेयर मनोज गर्ग का कहना है कि कार्यवाही आने के बाद उन्होंने एक बार फिर खोखाधारकों को दुकान निर्माण के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया है। लघु व्यापारिक समिति के अध्यक्ष चोखेलाल का आरोप है कि जानबूझकर समस्या को लटकाया जा रहा है।
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