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आमरण अनशन पर बैठी अतिथि शिक्षिका की तबियत बिगड़ी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 14 Apr 2016 02:01 PM IST
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आमरण अनशन
- फोटो : anil dogra
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दोबारा नियुक्ति की मांग कर रहे उत्तराखंड के 6214 अतिथि शिक्षकों का आमरण अनशन राजधानी देहरादून में जारी है।
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गुरुवार को अनशन पर बैठी अतिथि शिक्षिका आरती उनियाल बेहोश हो गई। इस दौरान वह अस्पताल न जाने की जिद पर अड़ गईं। परेड ग्राउंड धरना स्थल पर राजकीय अतिथि शिक्षक संघ की पहल पर गुरुवार को भी शिक्षकों का आमरण अनशन जारी रहा।
उधर, बुधवार को खत्म कराने का सिटी मजिस्ट्रेट का प्रयास विफल रहा। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि जब तक उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उधर, दूसरे दिन भी लगातार मसूरी विधायक अतिथि शिक्षकों को समर्थन देने पहुंचे
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परेड ग्राउंड धरना स्थल पर राजकीय अतिथि शिक्षक संघ की पहल पर बुधवार को भी शिक्षकों का आमरण अनशन जारी रहा। इस मौके पर पहले मसूरी विधायक गणेश जोशी मौके पर समर्थन देने पहुंचे थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही वह मामले में राज्यपाल डा. केके पाल से वार्ता करेंगे। मुख्य सचिव से वार्ता होने के बाद मामले में शिक्षकों के पक्ष में फैसला लेने की सहमति बन चुकी है। वह उनके लिए हर कोशिश करेंगे।
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इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ललित नारायण मिश्र मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर गेस्ट टीचर्स के लिए निर्णय हो गया है और 24 अप्रैल तक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस आधार पर अनशन तुड़वाने का प्रयास किया लेकिन अतिथि शिक्षकों ने साफ इंकार कर दिया था। इस दौरान कुछ आंदोलनकारी शिक्षकों ने हंगामा करते हुए कहा कि लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अतिथि शिक्षकों का कहना था कि उन्हें कैबिनेट मंजूरी के बाद शासनादेश जारी होने पर नियुक्ति मिली थी। अब राष्ट्रपति शासन में बिना कारणों के और बिना शासनादेश उन्हें हटाना न्यायसंगत नहीं है। आज भी प्रदेश में कई दुर्गम जगहों पर शिक्षकों की कमी है, जिसे अतिथि शिक्षक दूर कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके 89 दिनों के कार्यकाल में बेहतर शिक्षण रहा है। इस मौके पर एबीवीपी के पदाधिकारी भी समर्थन देने पहुंचे। इस मौके पर अध्यक्ष शांतिस्वरूप सिंह, उपाध्यक्ष हरीश आर्य, ललित, दीपक कुमार सहित भारी संख्या में आंदोलनकारी शिक्षक मौजूद रहे।