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केदारनाथः सरकार के बड़े दावों की हवाई 'तैयारी'

Sat, 28 Sep 2013 12:53 AM IST
अमर उजाला, केदारनाथ
अमर उजाला, केदारनाथ Updated Sat, 28 Sep 2013 12:53 AM IST
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government could not fix frameworks in kedarnath

केदारधाम में सरस्वती-मंदाकिनी नदी में वैली ब्रिज का निर्माण तो किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि कब पुल बनेगा और कब पोकलेंड मशीन केदारनाथ पहुंचकर मलबा साफ करेगी।

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धाम में मलबे की सफाई के लिए पोकलेंड और जेसीबी को सेना के एमआई-26 हेलीकॉप्टर से केदारनाथ पहुंचाया जाना है। पोकलेंड मशीन गौचर में खड़ी है। हेलीकॉप्टर गौचर से मशीन केदारनाथ ले जाएगा। हेलीकॉप्टर उतरने के लिए बेस कैंप के समीप अस्थायी हेलीपेड बनाया गया है।
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पुल का निर्माण नहीं हुआ
बताया जा रहा है कि 11 सितंबर को मंदिर के कपाट खुलने के एक सप्ताह बाद मशीन पहुंचाने की बात की गई थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं मंदिर के निकट नदी में भी पुल का निर्माण नहीं हुआ है। लोनिवि के अधीक्षण अभियंता केके श्रीवास्तव के मुताबिक 15-20 दिन में पुल तैयार हो जाएगा।
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मौसम में आ रही दिक्कतें
दिक्कत यह है कि धीरे-धीरे मौसम खराब होता जा रहा है। पांच नंवबर को मंदिर के कपाट भी बंद हो जाएंगे। कपाट बंद होने से पूर्व धाम में हिमपात शुरू हो जाता है। ऐसे में हेलीकॉप्टर धाम में कैसे उतरेगा। यदि हेलीकॉप्टर से मशीन पहुंचा भी दी गई, तो मशीन कितने दिन काम कर पाएगी।

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भीमबली तक काम कर रही स्ट्रीट लाइट
ऊर्जा निगम के एसडीओ अर्चित भट्ट के अनुसार, भीमबली से ऊपर विद्युत आपूर्ति चालू है। उन्होंने बताया कि घिनुरपाणी से ऊपर नंगे तारों के बजाय केबल से सप्लाई दी जाएगी। क्योंकि इससे ऊपर विद्युत पोल ले जाना मुश्किल हो रहा है। भूस्खलन के कारण लाइन का एलाइमेंट चेंज करना पड़ा है। गौरीकुंड से भीमबली तक स्ट्रीट लाइट भी काम कर रही हैं।

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धन का दुरुपयोग
तीर्थ पुरोहित समाज ने वर्तमान में किए जा रहे कार्यों को धन का दुरुपयोग बताया। तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती का कहना है कि जिनता धन पैदल मार्ग बनाने और अन्य कार्यों में खर्च किया जा रहा है, उतना मोटर मार्ग निर्माण में लगाया जाता, तो अच्छा रहता। उन्होंने रोष जताया कि सरकार की मंशा बिना भवन स्वामियों की सहमति के भवन नष्ट करने की है।


तैयारियां जारों पर, मौसम कर रहा परेशान
दोबारा से केदारनाथ यात्रा को शुरू होने में सिर्फ तीन दिन शेष रह गए हैं। यात्रा को लेकर विभाग तैयारी में लगे हुए हैं। ऊर्जा निगम ने गौरीकुंड-भीमबली के बीच विद्युत आपूर्ति बहाल करने का दावा किया है। जबकि केदारनाथ धाम में वैली ब्रिज बनाने का काम जारों पर चल रहा है।

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धाम में मौसम खराब होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है। बारिश के कारण बार-बार काम रुक रहा है। बृहस्पतिवार को भी धाम में रुक-रुक कर बारिश होती रही। ऊंची चोटियों में बर्फबारी होने से ठंडी हवाएं चल रही हैं।

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प्री फेब्रिकेटेड हट्स में पानी की लीकेज
ईपीआईएल के कर्मचारियों द्वारा प्री फेब्रिकेटेड हट्स में पानी की लीकेज रोकने के लिए पुट्टी लगाई जा रही है। लेकिन बारिश के कारण काम रोकना पड़ा। ज्ञात रहे कि मंदिर से करीब दो किलोमीटर पहले 11 प्री फेब्रिकेटेड हट्स का निर्माण किया गया है। बारिश होने पर हट्स के जोड़ से पानी टपक रहा है। वहीं हट्स में बिजली-पानी के कनेक्शन जोड़ दिए गए हैं।

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