उत्तराखंडः संख्या बल बढ़ाने में विफल हो गए BJP के सारे हथियार
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भाजपा के बख्तरबंद इंतजामों में इतना दम तो नहीं दिखा, लेकिन पार्टी के रणनीतिकारों का आत्मविश्वास कांग्रेस को चुनौती जरूर दे रहा था।
पिछले डेढ़ महीने से चल रहे संख्या बल बढ़ाने के घमासान में फ्लोर टेस्ट का नतीजा देखना दिलचस्प होगा। भाजपा कैंप में संख्या बल की बढ़ोत्तरी नहीं होना पार्टी नेताओं की धड़कन बढ़ाने के लिए काफी है। हालांकि, भाजपाई सूरमा आश्वस्त है कि हरीश रावत को बहुमत नहीं मिलेगा।
फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है। कुमाऊं से कांग्रेस की एक महिला विधायक के भाजपा के पाले में आ जाने के बाद सतपाल महाराज पर दबाव बढ़ गया है। महाराज ने भगतदा को कहा था कि पहले अपनी चेली को लेकर आओ, तब वह अपने समर्थकों को लाएंगे।
लड़खड़ाते दिखे भाजपाई रणनीतिकारों के कदम
अब चेली के आ जाने से महाराज पर भी दबाव बढ़ गया है। कुल मिलाकर बाजी चाहे जिसके भी हाथ लगे, लेकिन फैसले की घड़ी से एक दिन पहले हरीश रावत को बहुमत साबित करने से रोकने के दावा करने वाले भाजपाई रणनीतिकारों के कदम लड़खड़ाते दिखे। कांग्रेस कैंप से भाजपा को जितनी टूट की उम्मीद थी, उसके मुताबिक ज्यादा कुछ नहीं हुआ।
फिर भी भाजपा का हरीश को बहुमत से रोकने का दावा करना हैरत में डालता है। भाजपा के रणनीतिकारों की नजर महाराज समर्थक कांग्रेस विधायकों पर टिकी हैं। फिलहाल राज्य की पूरी सियासत धधक उठी है और भाजपा व कांग्रेस एक दूसरे के विधायकों पर नजर रखे हुए हैं।