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जहां पहले सड़क थी वहां अब नदी बहती है

Wed, 10 Jul 2013 08:50 AM IST
पिथौरागढ़/धारचूला/ब्यूरो
पिथौरागढ़/धारचूला/ब्यूरो Updated Wed, 10 Jul 2013 08:50 AM IST
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floods in pithoragarh

कैलास मानसरोवर, छोटा कैलास और ऊँ पर्वत दर्शन के लिए पहचाने जाने वाले चीन और नेपाल सीमा से सटा पिथौरागढ़ जिले का धारचूला क्षेत्र 23 दिन से देश, दुनिया से अलग थलग पड़ा है।

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टनकपुर तवाघाट नेशनल हाईवे बुरी तरह तहस-नहस हो चुका है। ऐलागाड़, तवाघाट, कंज्योति और सोबला के मोटर पुल बह गए हैं। सोबला में सड़क के साथ पूरा कस्बा ही नक्शे से गायब हो गया है।
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200 मीटर सड़क काली में समाई
17 जून की तबाही में धारचूला से छह किमी पहले गोठी में हाईवे की 200 मीटर सड़क काली में समा गई। इस स्थान पर पहाड़ी को काटकर बीआरओ सड़क का निर्माण कर रहा है। गोठी से डेढ़ किमी आगे कालिका के छतियाबेल में भी 200 मीटर सड़क के स्थान पर अब काली बह रही है।

यहां पर खेतों को काटकर 500 मीटर सड़क बनाई जा रही है। छतियाबेल में खेतों में बनाई गई वैकल्पिक सड़क में भारी कीचड़ है। धारचूला से 12 किमी पहले नई बस्ती में भी एनएच का काफी हिस्सा बहा है। यहां पर वैकल्पिक सड़क बनाई गई है।

बिजली के तार के नदी पार कर रहे लोग
बात धारचूला से ऊपर उच्च हिमालयी क्षेत्र को लिंक करने वाले एनएच की करें तो चार किमी आगे निगाल पानी में 25 मीटर सड़क का वजूद मिट गया है। धारचूला से तवाघाट की ओर छह किमी दूर तल्ला दोबांस में 25, मल्ला दोबांस में 40 और चैतलकोट में 80 मीटर सड़क गायब है।

17 किमी दूर तवाघाट में मोटर पुल के साथ ही सड़क का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया है। पुल बहने और सड़क टूटने से लोग धारचूला नहीं पहुंच पा रहे हैं। नेशनल हाईवे में बिजली के तार के सहारे लोग रास्ता और नदी पार कर रहे हैं।

दर्जनों पुलों का नामोनिशान नहीं
दारमा वैली का दौरा कर लौटे रं कल्याण संस्था पिथौरागढ़ के अध्यक्ष लाल सिंह बोनाल ने क्षेत्र के हालात काफी गंभीर बताते हुए कहा कि सीपू, मार्छा, तीदांग, बोन, फिलम, दुग्तू, डांती, वीदांग, ढावे, गलछिन, नागलिंग, चल, सेला, यूसौंग, वरुंग,स्यंयर, तीजम, सुमदुंग, बतन, वमज्या, रंगूती में बने पैदल पुल और रास्ते बह गए हैं। लोग एक गांव से दूसरे गांव नहीं जा पा रहे हैं।


सड़क धंसने का बना हुआ है खतरा

धारचूला से 12 किमी पहले नई बस्ती में गुफा के ऊपर से वैकल्पिक सड़क बनाकर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू की गई है। इस स्थान पर अंदर से जमीन खोखली है। कभी भी अस्थायी सड़क धंस सकती है।

क्या कहते हैं अधिकारी, नेता
बीआरओ के आफिसर कमांडिंग तपत मोहंती कहते हैं कि धारचूला तक यातायात बहाल होने के बाद तवाघाट की ओर सड़क और पुल बनाने का काम शुरू किया जाएगा। बरसात के कारण काम करने में दिक्कत आ रही है। विधायक हरीश धामी और एसडीएम प्रमोद कुमार का कहना है कि  पैदल आवाजाही शुरू कराने के बाद सड़क मरम्मत का काम युद्ध किया जाएगा।

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