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राहत न मिलने पर जान देने की कोशिश!
पिथौरागढ़/ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2013 11:45 AM IST
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आपदा के बाद बालिंग गांव में फंसे युवक के जान देने की कोशिश से इलाके और प्रशासन में हड़कंप है। हालांकि प्रशासन इसे हादसा मान रहा है। जबकि ग्रामीण इस घटना से सकते में हैं और दबी जुबान आत्मदाह की बात कह रहे हैं।
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सोमवार दोपहर धारचूला से साठ किमी दूर बालिंग गांव में दान सिंह बंग्याल (28) नामक युवक के आत्मदाह के प्रयास की बात ने जिला प्रशासन की नींद उड़ा दी। धारचूला के एसडीएम प्रमोद कुमार ने आत्मदाह का प्रयास करने की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सोते समय मिट्टी तेल का लैंप गिरने से वह झुलसा है।
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एसडीएम ने बताया कि झुलसे युवक को लाने को भेजा गया हेलीकाप्टर लैंड नहीं कर पाया। झुलसे युवक को तीदांग तक लाने को कहा गया है। मंगलवार को उसे हेलीकाप्टर से लाया जाएगा।
दारमा में 10 दिन से राशन नहीं छोड़ा
तीदांग के सामाजिक कार्यकर्ता रमेश तितियाल, बीडीसी सदस्य नारायण दरियाल, गो गांव के प्रधान भूपेंद्र ग्वाल ने कहा है कि दारमा में 10 दिन से राशन नहीं छोड़ा गया है। रास्ते, पुल ध्वस्त होने से बालिंग में साठ लोग फंसे हुए हैं। जिनमें से अधिकांश बीमार और बुजुर्ग हैं।
संचार व्यवस्था न होने से असलियत पता नहीं चल रहा है। ऐसे में हालात देखकर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि युवक ने आत्मदाह जैसा कदम उठाया हो।
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