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पांच हजार लोग अब भी फंसे
देहरादून/ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2013 10:21 AM IST
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आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे तीर्थयात्रियों और इन्हें बचाने में लगे जवानों के लिए बारिश मुसीबत बन गई है। खराब मौसम के चलते मंगलवार को सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ का बचाव अभियान बुरी तरह प्रभावित रहा।
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दोपहर बाद ही बचाव अभियान रफ्तार पकड़ पाया।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
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बारिश, बादल और धुंध के चलते साढ़े छह से सात हजार फंसे लोगों को निकालने का लक्ष्य लेकर चले जवान लगभग दो हजार लोगों को ही निकालने में कामयाब हो सके। उत्तराखंड के मुख्य सचिव सुभाष कुमार के मुताबिक शाम तक के अभियान के बाद अब भी पांच हजार लोग फंसे हैं।
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दो दिन में सभी निकाल लिए जाएंगे
हालांकि सोमवार को यह संख्या चार हजार बताई थी। सेना की मध्य कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चैत ने अभियान का निरीक्षण कर हर्षिल में फंसे लोगों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि दो दिन के भीतर सभी को निकाल लिया जाएगा।
चमोली और उत्तरकाशी जिले में सेना का बचाव अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। हर्षिल से 369 लोगों को निकाले जाने के बाद 1000 लोग अब भी फंसे हैं। चमोली जिले से लगभग 1100 लोग निकाले जा सके। बदरीनाथ धाम और आसपास के इलाकों में 2500 तीर्थयात्री और लगभग डेढ़ हजार स्थानीय लोग फंसे हैं।
कई लोग लापता
वायुसेना ने 435 लोग जगह-जगह से निकाले हैं। केदारघाटी में अभियान के दौरान केदारनाथ के रास्ते पर एक गुफा के पास 86 साधु-संत सुरक्षित मिले। साधुओं के मुताबिक केदारघाटी में आपदा से स्थानीय गांवों के भी कई लोग लापता है।
बदरीनाथ धाम में मौजूद सभी यात्री सकुशल हैं। लेकिन धैर्य खोते यात्री अब अपनी जान को दांव पर लगाकर पैदल ही जंगल के अनजान रास्तों से जोशीमठ के लिए निकल रहे हैं।
बदरीनाथ से लामबगड़ के बीच ऐसे सैकड़ों यात्रियों के फंसे होने की आशंका है। बारिश के चलते मंगलवार को ऐसे यात्रियों की मुश्किलें काफी बढ़ गईं। अलकनंदा के किनारे सैकड़ों यात्री फंसे हैं सो अलग।
कहां-कहां से निकाले गए
-253 लोग हर्षिल से हेलीकॉप्टर के जरिए निकाले गए
-116 लोगों को पैदल, सड़क मार्ग से निकालने का दावा
-बदरीनाथ से पैदल व सड़क मार्ग से 740 लोग निकाले
-लामबगड़ में हैली ब्रिज, बर्मा ब्रिज से 260 लोग पार हुए
-बदरीनाथ से 18 उड़ानों के जरिए सेना ने 90 लोग निकाले
-एयरफोर्स की 53 उड़ानों से 435 लोग निकाले गए
-केदारनाथ के रास्ते पर गुफा के पास 86 साधु-संत सुरक्षित मिले
-कुमाऊं में पिथौरागढ़ से भी 92 फंसे लोग निकाले गए हैं
पहाड़ पर भारी बारिश की चेतावनी
उत्तराखंड में मंगलवार को कई जगह बारिश हुई। आपदा प्रभावित जिलों में चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में भी कई जगह तेज
बौछारें पड़ीं। मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटे में इन जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पूरे उत्तराखंड
में अनेक स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है।