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उत्तराखंड निकाय चुनाव: हार के बाद कांग्रेस में रार

Thu, 02 May 2013 01:46 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Thu, 02 May 2013 01:46 PM IST
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fight in congress after losing municipal election

निकाय चुनाव में मिली हार के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में अंदरखाने घमासान मच गया है। एक-दूसरे पर दोषारोपण का दौर शुरू हो गया है।

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पार्टी हार के सियासी मायने तलाशने के साथ ही इसकी तह तक जाने की बात कह रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आंकड़ों का हवाला देते हुए निकाय चुनावों में हार से ही इनकार कर रहे हैं।
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बहरहाल, निकाय चुनाव से पहले उठे मुद्दे एक बार फिर जीवंत होते दिख रहे हैं। शुरुआत सांसद सतपाल महाराज ने सरकार और संगठन पर निशाना साधकर की। बुधवार को यह भी साफ हुआ कि कांग्रेस में फिर दो ध्रुवों में टकराव की स्थिति है।
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प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य और मुख्यमंत्री बहुगुणा समर्थक सीधे तौर पर हरिद्वार में कांग्रेस की हार को सबसे बड़ी चिंता बता रहे हैं।

दूसरी ओर हरीश रावत समर्थक हरिद्वार में हार के लिए सीधे आर्य और सीएम बहगुणा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
इनका कहना है कि टिकट इन्हीं के कहने पर दिए गए हैं तो हार की जिम्मेदारी भी यही लें। हरीश रावत टिकटों से कोई लेना-देना न होने की बात कह रहे हैं।

उधर, सतपाल महाराज कार्यकर्ताओं को सम्मान न मिलने और विकास कार्यों का प्रचार-प्रसार न किए जाने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि निकाय चुनाव से ठीक पहले 'लेटर बम' फूटने का भी खराब संकेत गया।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री हरीश रावत और मुख्यमंत्री के बीच चुनाव से पहले चिट्ठियों का दौर चला था।

हल्द्वानी निगम हारने के बाद अब संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश भी निशाने पर हैं। उनके कहने पर हेमंत बगड़वाल को टिकट दिया गया था और यहां कांग्रेस का प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहा। 2008 में यह सीट कांग्रेस के पास थी।


पार्टी सूत्रों के मुताबिक मंथन के पहले चरण में कांग्रेस निकाय चुनाव में जीते और हारे प्रत्याशियों की संयुक्त बैठक में अपने प्रदर्शन पर विचार-विमर्श करेगी। यह बैठक मई के पहले पखवाड़े में ही होगी।

इसके बाद खराब प्रदर्शन वाले इलाकों पर फोकस करने की तैयारी है।

पार्टी प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने भी कहा है कि पार्टी हार के कारणों को तलाशेगी। जिन क्षेत्रों में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा है, उनमें विशेष तवज्जो दी जाएगी।

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