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गुपचुप नाहन आकर लौट गए हरीश रावत
ब्यूरो/अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
Updated Thu, 07 Apr 2016 09:58 PM IST
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harish rawat
- फोटो : harish rawat
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत वीरवार को गुपचुप नाहन के जमटा रिसोर्ट पहुंचे। वह चौपर से दोपहर करीब 12 बजे नाहन के जैतक हेलीपैड पर उतरे। रिसोर्ट में अपने कांग्रेस विधायकों के साथ करीब एक घंटा मंत्रणा की।
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देर शाम तक कुछ विधायक भी उत्तराखंड रवाना हो गए। उत्तराखंड के विधायकों की सुरक्षा में लगे अधिकतर पुलिस कर्मी रिसोर्ट परिसर से हटा दिए गए हैं। विधायकों से मंत्रणा के बाद रावत उत्तराखंड रवाना हुए।
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कहा जा रहा है कि उनके आने की सूचना स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को भी देर से मिली। खबर मिलते ही छठी आईआरबी बटालियन ने जमटा का रुख किया। हालांकि, तब तक हरीश रावत अपने चौपर से रवाना हो चुके थे। गत माह से उत्तराखंड में कांग्रेस के मंत्री और विधायकों ने सीएम के खिलाफ झंडा बुलंद कर दिया था।
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बहुमत साबित करना दोनों दलों के लिए चुनौती
इसके बाद भाजपा-कांग्रेस के बीच सरकार गठन को लेकर उधेड़बुन चल रही है। बहुमत साबित करने को दोनों दलों के लिए चुनौती है। उत्तराखंड में सियासी भूचाल के बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री को बहुमत साबित करना था। मामला कोर्ट में चले जाने के बाद अपने कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित अपने पाले में रखना चुनौती साबित हो रहा था।
इसलिए, उत्तराखंड कांग्रेस के 19 विधायक 31 मार्च को नाहन के जमटा स्थित एक रिसोर्ट में भेजे गए थे। राज्य के समीप और कांग्रेस शासित प्रदेश होने पर सुरक्षित तथा शीघ्र उत्तराखंड पहुंचने में सुगम स्थल है।
विधायक रेणुकाजी, जमटा, ज्वालाजी समेत धार्मिक और पर्यटन स्थलों में भी सैर-सपाटा करने पहुंचे थे। इस दौरान एक डीएसपी, 3 थानेदार तथा दो दर्जन कर्मचारी सुरक्षा को लेकर रिसोर्ट परिसर में मौजूद रहे।
उधर, हिमफेड के चेयरमैन और जैतक किले के हैलीपेड मालिक अजय बहादुर सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने हैलीपेड के लिए अनुमति मांगी थी।