देश से दुनिया तक सबका दुलारा बना पुलिस का 'शक्तिमान'
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उत्तराखंड में सत्ता के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच चल रहे शह और मात के खेल का हश्र कुछ भी हो, लेकिन 'शक्तिमान' (घोड़ा) प्रदेश की सियासत में यादगार बन गया है।
टांग कटने के बाद भले ही वह अपने करतब नहीं दिखा पाएगा, लेकिन वह पुलिस का हिस्सा बना रहेगा। भाजपा विधायक गणेश जोशी के खिलाफ दर्ज मुकदमे में केस प्रापर्टी होने के कारण 'शक्तिमान' को अन्य घोड़ों की तरह पुलिस नीलाम नहीं कर पाएगी। हालांकि परेड में 'शक्तिमान' को पुलिस पेश कर सकेगी।
उत्तराखंड पुलिस उम्र दराज अथवा चोटिल होने के बाद घोड़ों को फार्म हाउस मालिकों को नीलाम करती रही है। 'शक्तिमान' पहला खुशनसीब होगा, जिसे ताउम्र राज्य पुलिस का हिस्सा बनने का सौभाग्य हासिल होगा। नीलामी के बाद शौकीन लोग पुलिस के घोड़ों का प्रयोग सिर्फ नस्ल बदलने के लिए करते हैं।
दस साल से पुलिस सेवा में अपने काम से विशेष पहचान बनाने वाले 'शक्तिमान' की 14 मार्च को भाजपा के प्रदर्शन के दौरान पाइप में टांग फंसने से हड्डी टूट गई। बेजुबान के साथ हुई इस घटना से प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया।
विदेशियों की भी आंखों का तारा बना 'शक्तिमान'
भाजपा विधायक गणेश जोशी समेत दो कार्यकर्ताओं के जेल जाने के साथ ही कांग्रेस में बगावत हो गई और प्रदेश की रावत सरकार संकट में आ गई। पुलिस और सरकार ने घोड़े को बचाने के लिए मुंबई से लेकर अमेरिका तक से सर्जन बुलाए।
घोड़े की टांग तो नहीं बची, लेकिन आपरेशन से उसकी जिंदगी बचा ली गई। कल तक 'शक्तिमान' सिर्फ दून पुलिस का था, लेकिन अब वह देश के लोगों के साथ विदेशियों की भी आंखों का तारा बन गया है।
'शक्तिमान' का अलग बनाया रूम
पुलिस लाइन में 'शक्तिमान' को रखने के लिए अलग से कमरा बनाकर तैयार कर दिया गया है। कृत्रिम पैर लगने के बाद उसे नए कमरे में शिफ्ट किया जाएगा। सही उपचार के लिए उसे दूसरे घोड़ों से अलग रखा जाएगा।
घास के लिए डाले टेंडर
एसएसपी आफिस में सोमवार को पुलिस के घोड़ों की घास के लिए टेंडर डाले गए। सीओ सदर तृप्ति भट्ट की मौजूदगी में प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान ठेकेदार घास के नमूने लेकर आए थे।