धू-धू कर जला डीजल टैंकर, चार दुकानें खाक, जान बचाकर भागे लोग
- दमकल कर्मियों ने डेढ़ घंटे के बाद पाया आग पर काबू
- अवैध रूप से दुकान पर उतारा जा रहा था डीजल
- डीजल टैंकर किस कंपनी का, यह भी नहीं चला पता
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हरिद्वार-दिल्ली हाईवे स्थित गांव बढेड़ी राजपूतान में अवैध रूप से डीजल निकालने के दौरान टैंकर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते टैंकर से उठी लपटों की चपेट में आकर आस-पास की चार दुकानें भी जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गई। इससे बाजार में अफरातफरी मच गई।
दमकल कर्मियों ने डेढ़ घंटे के बाद जैसे तैसे आग पर काबू पाया। इस बीच मौका पाकर टैंकर चालक, परिचालक और दुकानदार मौके से फरार हो गए। पुलिस देर शाम तक तीनों को दबोचने के लिए दबिश देती रही लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस आग लगने के कारणों का पता लगाने में जुट गई है।
शनिवार दोपहर करीब तीन बजे डीजल से भरा एक टैंकर रुड़की की तरफ से आया और बढेड़ी राजपूतान गांव के बाजार में रुक गया। गांव के अरशद पुत्र साबिर की दुकान पर टैंकर से डीजल उतारा जा रहा था। इसी बीच अचानक टैंकर ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते टैंकर से उठ रही लपटों ने दुकान में रखे तेल से भरे ड्रमों को अपनी चपेट में लिया।
मची अफरातफरी, लोगों ने भागकर बचाई जान
इससे पहले दुकानदार और बाजार में उपस्थित लोग आग पर काबू पाते चाय की दुकान, भूसा स्टोर, फर्नीचर्स की दुकान में भी आग लग गई। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाकर भागने लगे।
इससे घटनास्थल पर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। सूचना पर बहादराबाद पुलिस घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ी। इसी बीच रुड़की एवं मायापुर फायर स्टेशन से चार दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक चारों दुकानें राख के ढेर में तब्दील हो गई थी।
चौकी प्रभारी मनोहर लिंगवाल ने बताया कि गांव बढेड़ी राजूपतान के शेर सिंह की फर्नीचर्स, भूरा की चाय एवं मुन्फैद के भूसे का स्टोर आग की भेंट चढ़ा है। अग्निकांड में भारी नुकसान होने की बात सामने आ रही है। घटनास्थल पर तेल उतरवा रहा अरशद, टैंकर चालक एवं क्लीनर फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस तीनों की तलाश कर रही है। आग कैसे लगी।
इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है। आसपास के लोगों में चर्चा है कि बीड़ी-सिगरेट के पतंगे से आग लगी है। लेकिन इसकी पुष्टि चालक-क्लीनर के हत्थे चढ़ने पर स्पष्ट हो पाएगी। डीजल टैंकर किस कंपनी का था यह भी पता नहीं चल पाया है।
खुलेआम चल रहा अवैध कारोबार, आंखे बंद किए है विभाग
हैरानी की बात यह है कि कई बरस से अवैध तेल का कारोबार हाईवे पर खुलेआम चल रहा है। लेकिन कोई जिम्मेदार विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है।
गांव बढ़ेडी के ग्रामीण खामोश हैं। उन्हें डर है कि खुलासा करने पर कहीं गांव में रंजिश का माहौल न हो जाए। लेकिन वह इस बात को मान रहे हैं कि यहां कई बरस से अवैध तेल का कारोबार बेखौफ चल रहा है। डीजल और पेट्रोल को भरे उजाले में टैंकरों से उतारा जाता है और पेट्रोल पंपों से सस्ते दामों पर क्षेत्र में तेल बेचा जाता है।
निश्चित तौर पर इन टैंकरों से भी तेल की चोरी की जाती है। लेकिन जिला पूर्ति विभाग को इसकी खबर तक नहीं है। ये बात अपने आप में कई सवाल खड़े कर रही है। शनिवार दोपहर दुकानदार की ओर से तेल की डिलीवरी लेते वक्त अग्निकांड हुआ तब भी जिला पूर्ति विभाग की नींद नहीं टूटी। जिलापूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा ने बताया कि रुड़की के क्षेत्रीय अधिकारी को इस संबंध में जांच करने के लिए कहा गया है, उसके बाद कार्रवाई होगी।