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अगर सेटेलाइट फोन होता तो बच सकती थीं सैकडों जानें
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2013 12:11 PM IST
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प्राकृतिक आपदा के दौरान सूचना तंत्र फेल साबित हुआ। समय से आपदा प्रभावितों के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया। अगर सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल किया होता तो शायद सैकड़ों लोगों की जान बच सकती थी।
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नंदादेवी नेशनल पार्क में करीब 12 वर्ष पहले सेटेलाइट फोन खरीदा था, लेकिन यह पिछले चार वर्षों से खराब है।
मोबाइल व लैंड लाइन फोन थे ठप
केदारनाथ घाटी में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान मोबाइल से लेकर लैंड लाइन फोन तक ठप हो गए। जिस कारण किसी के पास भी वास्तविक स्थिति की सूचना नहीं पहुंच पाई। लेकिन, नंदादेवी नेशनल पार्क या एसडीएम के पास सेटेलाइट फोन होता तो शायद राहत और बचाव कार्य में तेजी लाकर सैकड़ों लोगों की जान भी बचाई जा सकती थी। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।
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चार साल से खराब है सेटेलाइट फोन
एसडीएम को सेटेलाइट फोन उपलब्ध नहीं कराया था। जबकि, नंदादेवी नेशनल पार्क के अधिकारियों के पास जो सेटेलाइट फोन है, वह पिछले चार वर्षों से खराब है। इसे ठीक कराने की जहमत पिछले चार वर्षों में अधिकारियों ने नहीं उठाई है। इस लापरवाही से कितने लोगों की जान चली गई, इसका शायद ही किसी को अंदाजा हो।
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सेटेलाइट फोन में तकनीकी खराबी आई है। इसे ठीक कराने की कोशिश पहले की थी, लेकिन सेटेलाइट फोन के पाटर्स नहीं मिल रहे थे। दोबारा फोन को सही कराने के प्रयास किए जाएंगे।
- एसएस शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव