फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   CPI will support Parties.

चुनावों में धर्मनिरपेक्ष दलों का साथ देगी भाकपा

Sun, 03 Apr 2016 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 03 Apr 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
CPI will support Parties.
पत्रकारों से वार्ता करते भाकपा राष्ट्रीय सचिव शमीम फैजी व साथ्‍ा में आनंद सिंह राणा - फोटो : amar ujala
धर्मनिरपेक्षता और संवैधानिक संघवाद के मुद्दे पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कांग्रेस के साथ है। देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में पार्टी सांप्रदायिक व कट्टरवादी दलों को मात देने के लिए धर्मनिरपेक्ष दलों का सहयोग करेगी। 
विज्ञापन


उत्तराखंड में भी पार्टी का रुख हालांकि वाम एकता के पक्ष में है लेकिन भाजपा की ताकत को बढ़ने से रोकने के लिए कांग्रेस का विरोध नहीं करेगी। यह कहना है कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व वयोवृद्ध नेता शमीम फैजी का।
विज्ञापन


हाथीबड़कला स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता में फैजी ने कहा कि भाजपा व संघ परिवार देश को धार्मिक कट्टरपन की तरफ ले जा रहे हैं। इसलिए भाकपा व वामपंथी व्यवहारिक नीति बनाएंगे। फैजी ने हिंदू और मुस्लिम को एक दूसरे का मित्र बताया। उन्होंने कहा औवेसी की सोच देश के लिए घातक है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हरीश रावत के काफिले में हुआ हमला लोकतंत्र के लिए खतरनाक
लोगों को उदार, प्रगतिशील व धर्मनिरपेक्ष सोच वाले मुस्लिम नेताओं को बढ़ाना चाहिए। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के काफिले में हुआ हमला लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उत्तराखंड को हिंसक राजनीति का केंद्र बनाना ठीक नहीं है।

इसके लिए भाजपा और कांग्रेस जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध होने चाहिए। इसलिए भारत सरकार को चाहिए कि वह पाकिस्तान के प्रति स्पष्ट नीति बनाए। 

एनआईए के डिप्टी एसपी की हत्या की जांच की मांग की। पत्रकार वार्ता में समर भंडारी, आनंद सिंह राणा,चित्रा गुप्ता, जीत सिंह, ए कोठारी उपस्थित थे। 

जनता से जुड़ने पर हुआ विमर्श
भाकपा कार्यालय में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा उत्तराखंड में वामपंथी राजनीति के लिए हालात अनुकूल हैं। संगठन को ताकतवर बनाया जाएगा। युवाओं व छात्रों को जोड़ने का काम होगा। स्वास्थ्य, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार, आवास के मुद्दों पर जनहित के लिए संघर्ष किया जाएगा। शमीम फैजी ने कहा कि राजद्रोह संबंधी कानून पर पुनर्विचार आवश्यक है।


आनंद राणा, चित्रा गुप्ता, समर भंडारी, जीत सिंह, नागेंद्र थपलियाल, ईश्वर पाल, एलपी भट्ट, अशोक शर्मा, डा. गिरधर पंडित, महेंद्र सिंह वर्मा, महावीर भट्ट थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed