{"_id":"56ef794e4f1c1be75df14d2b","slug":"congress-true-members-on-back-foot","type":"story","status":"publish","title_hn":"सियासी संकट में बैकफुट पर दिख रहे हैं कांग्रेस के सच्चे सिपाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सियासी संकट में बैकफुट पर दिख रहे हैं कांग्रेस के सच्चे सिपाही
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 21 Mar 2016 10:06 AM IST
विज्ञापन
खानपुर विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड कांग्रेस के बागी विधायकों ने भाजपा से अलग रहकर लड़ाई लड़ी होती तो फायदे में रहते और वापसी के रास्ते भी खुले रहते। लेकिन गलत तरीके से हुई जंग की शुरूआत करने का नुकसान कांग्रेस के बागियों को उठाना पड़ सकता है।
विज्ञापन
अब उनके बदले सुर बता रहे हैं कि जिस राह पर वे गए हैं, वह काफी जटिल है। कांग्रेस के जितने भी बागी हैं, उनकी मंशा सरकार गिराना कम और हरीश रावत को बदलना ज्यादा है। इस बात को हरक सिंह रावत के उस बयान से भी बल मिलता है, जिसमें उन्होंने कहा है कि वह कांग्रेस केसच्चे सिपाही है, अदावत तो हरीश रावत से है।
विज्ञापन
सभी विधायकों का एक सुर में यह कहना इस बात को दर्शाता है कि अभी भी उनकी आस्था और निष्ठा कांग्रेस के साथ है। सच तो यह है कि भाजपा केसहारे अपनी सरकार की चूल हिलाने वाले ये सभी विधायक इस राजनीतिक जंग की तकनीक से वाकिफ हो गए हैं।
विज्ञापन
इसलिए माना जा रहा है कि बागियों के तेवर ढीले पड़ सकते हैं। वैसे भी हरीश रावत की नजर कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन, शैलेंद्र मोहन सिंघल, उमेश शर्मा काऊ और प्रदीप बत्रा पर है, क्योंकि नौ बागियों में ये चार ही सॉफ्ट टारगेट हो सकते हैं।