किशोर ने किया नौ विधानसभा क्षेत्र की कांग्रेस इकाइयों को भंग
बागी विधायकों पर सरकार का रुख सख्त।
भाजपा के खिलाफ रथ भी निकालेगी कांग्रेस, दो चरण में अभियान।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने की पुकिया इकाइयां भंग करने का एलान।
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कांग्रेस के बागी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों की सभी कांग्रेस इकाइयों को भंग कर दिया गया है। दून में रविवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने इसका एलान भी किया।
सरकार को गिराने की साजिश का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने अब भाजपा के खिलाफ दो चरणों में अभियान भी छेड़ दिया है। किशोर के मुताबिक कांग्रेस हर व्यक्ति तक पहुंचकर भाजपा की सरकार गिराने की साजिश को सामने रखेगी। कुमाऊं और गढ़वाल के लिए अलग-अलग रथ भी भेजे जाएंगे।
बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब किशोर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, सितारगंज, रायपुर, रुड़की, खानपुर, रामनगर, नरेंद्रनगर और जसपुर विधानसभा क्षेत्र की ब्लॉक, नगर, ग्राम, बाजार और बूथ कांग्रेस कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर बागी विधायक
अनुशासन समिति को भी निर्देश दिया गया है कि अनुशासनहीनता की किसी भी मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए। किशोर ने इसे बदले की कार्रवाई मानने से इनकार किया और कहा कि यह भी देखने में आया कि बागी कांग्रेस विधायक पार्टी और सरकार को दरकिनार कर व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रहे थे। पार्टी को मजबूत करने की बजाय इनकी कोशिश व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने की रही।
किशोर ने कहा कि भाजपा के खिलाफ कांग्रेस ने दो चरण में अभियान छेड़ दिया है। पहले चरण की शुरूआत आज से ही की जा चुकी है। भंग की गई इकाइयों में नये लोगों को जल्द ही जिम्मेदारी दी जाएगी।
इससे पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में पदाधिकारियों ने कई सुझाव दिये। बैठक में किशोर ने कहा कि बाहुबल और केंद्र के सत्ताबल के आधार पर भाजपा अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर आदि राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी सरकार गिराना चाह रही है।
जिस समय सरकार का पूरा ध्यान चार धाम यात्रा, पेयजल संकट और सूखे पर होना चाहिए था, उस समय भाजपा ने सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की है।
प्रदेश सरकार अपने स्तर पर मुकाबला करने में सक्षम
संकट में सरकार के समय मुख्यमंत्री हरीश रावत को केंद्रीय नेतृत्व से कोई सहयोग न मिलने के मामले को किशोर ने सिरे से नकारा। किशोर ने कहा कि वे प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी और अन्य नेताओं के संपर्क में है। केंद्रीय नेताओं को विश्वास है कि प्रदेश सरकार अपने स्तर पर स्थिति का मुकाबला करने में सक्षम है।
छह विधायक संपर्क में
किशोर ने फिर दावा किया कांग्रेस के बागी विधायकों में से छह विधायक उनके संपर्क में है। भाजपा के भी कुछ असंतुष्ट विधायक उनसे बात कर रहे हैं। कांग्रेस के बागी विधायकों के क्षेत्रों के भाजपा नेता भी पार्टी के इस रुख से सहमत नजर नहीं आ रहे हैं। इतना होने पर भी कांग्रेस ऐसा कोई काम नहीं करेगी जो संसदीय आचरण के खिलाफ हो। कांग्रेस तोड़-फोड़ में विश्वास नहीं रखती।
पीडीएफ पर रुख नरम
पीडीएफ को लेकर किशोर का सुर अब नरम है। किशोर का कहना है कि उन्होंने पीडीएफ को कभी बाहर करने की बात नहीं की है। पीडीएफ को बाहर करने की बात वे ही लोग कर रहे थे जिन्होंने कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपा। अब यह स्पष्ट हो गया है कि ये लोग सरकार को अस्थिर करने के लिए ही पीडीएफ को बाहर करने की मांग कर रहे थे।