फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Come and tension free 'Dharmnagri'

टेंशन फ्री होकर आइए ‘धर्मनगरी’

Tue, 02 Jul 2013 09:14 PM IST
हरिद्वार/ब्यूरो
हरिद्वार/ब्यूरो Updated Tue, 02 Jul 2013 09:14 PM IST
विज्ञापन
Come and tension free 'Dharmnagri'

धर्मनगरी हरिद्वार आने की सोच रहे हैं तो शंका न रखें। टेंशन फ्री होकर चले आइए। हरिद्वार आपदा के प्रकोप से उबरने लग गया है। लेकिन आर्थिक आपदा की मार झेल रहा है। धार्मिक स्थलों और बाजारों में सन्नाटा पसरा है। कारोबार चौपट है। ऐसे में धर्मनगरी को मुसीबत से उबारने के लिए आपकी जरूरत है।

विज्ञापन


बाढ़ का खतरा टल गया है। हाइवे और प्रमुख संपर्क मार्ग चालू अवस्था में हैं। प्रमुख गंगा घाटों से सिल्ट हटा ली गई है। पार्किंग स्थलों में जमा पानी सूख चुका है। आपदा के बाद धार्मिक स्थलों पर सुविधाएं फिर जुटा ली गई हैं। बस देर है तो आपके आने की और धर्मनगरी को गुलजार करने की।
विज्ञापन



यह हो सकते हैं मौकेः
-आठ जुलाई को सोमवती अमस्या
-19 जुलाई को हरिशयनी एकादशी
-22 जुलाई को गुरू पूर्णिमा
-23 जुलाई से कांवड़ यात्रा
-पांच अगस्त को श्रावण शिवरात्री

हरिद्वार में धार्मिक स्थलः
हरकी पैड़ी, मंसा देवी, चंडी देवी, दक्ष मंदिर, सुरेश्वरी देवी, पशुपतिनाथ मंदिर, निलेश्वर मंदिर, भारतमाता मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर, पावन धाम, सप्तऋषि आश्रम आदि।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिश्तेदारों को समझाने में लगे लोगः
कनखल निवासी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया गोरखपुर (यूपी) में रहने वाले उनके रिश्तेदारों का 12 जुलाई को हरिद्वार आने का कार्यक्रम है। लेकिन, पिछले दिनों पैदा हुए हालात के बाद उनके रिश्तेदार घबराए हुए हैं। फोन आया है कि वह अपना टिकट कैंसिल करा रहे हैं।

प्रतीक ने बताया कि उन्होंने रिश्तेदारों को समझाया कि हरिद्वार में अब स्थिति सामान्य है। अब वह लोग आ सकते हैं। जिसके बाद रिश्तेदार आने को तैयार हुए हैं।

बेरोजगारी का संकट
हरिद्वार में धार्मिक पर्यटक स्थानीय लोगों की आय का प्रमुख जरिया है। मंदी का सीजन यानी दिसंबर-जनवरी का महीना यहां के कारोबारियों के लिए बेहद कष्टकारी होता है। लेकिन, फरवरी-मार्च तक स्थिति पटरी पर लौटने लग जाती है।

अप्रैल, मई और जून का महीना पीक सीजन में आता है। परंतु इस बार जून में आपदा के दौरान यात्रियों की आमद कम हो गई। इस समय स्थिति ऐसी है कि दिसंबर और जनवरी से भी कम श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जिससे कारोबार ठप हो गया है।

होटल में 50 फीसदी तक डिस्काउंटः
हरिद्वार के लिहाज से यह सीजन पीक है और इस समय होटलों मेें कमरे बुक कराने के लिए सिफारिश की जरूरत पड़ती थी। वह भी होटलवाले के मुंहमांगे दामों पर। लेकिन, पहाड़ पर आई आपदा ने इस बार हालात ऐसे बदले कि होटल खाली पड़े हुए हैं।

पार्क ग्रैंड होटल के संचालक ओमप्रकाश जमदग्नि ने बताया कि अधिकतर होटलों में 90 फीसदी तक रूम खाली हैं। अब होटल संचालक यात्रियों को 50 प्रतिशत तक डिस्काउंट दे रहे हैं। हरिद्वार में होटल के एक रूम का प्रतिदिन किराया एक हजार रुपये से चार हजार रुपये तक है।

अब आपको यहां पर 500 रुपये में होटल का कमरा आराम से मिल जाएगा। सुपर डीलक्स रूम का किराया भी 2000 से ज्यादा नहीं रहा। हरिद्वार के व्यापारी यहां आने वाले यात्रियों का तहेदिल से स्वागत करेंगे।


व्यापारी वर्ग को फिलहाल स्पॉट की जरूरत है। बाहर से आने वाले यात्रियों को होटलों में रुकने से लेकर खाने-पीने तक की चीजों में डिस्काउंट देने को भी व्यापारी तैयार हैं। हरिद्वार घूमने और तीर्थाटन के लिहाज से यह अच्छा समय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed