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प्रेमी का ख्वाब पूरा करने प्रेमिका अकेले चढ़ गई एवरेस्ट पर
गिरीश रंजन तिवारी
Updated Thu, 22 Aug 2013 12:07 AM IST
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प्रेम की शक्ति की मिसालों से दुनिया का इतिहास भरा पड़ा है। इसी ताकत और प्रेरणा से मिले जज्बे की एक अनोखी मिसाल और सामने आई है। अपने पर्वतारोही प्रेमी का अधूरा ख्वाब पूरा करने के लिए प्रेमिका ने अकेले ही एवरेस्ट फतह कर लिया। एवरेस्ट फतह के तत्काल बाद दोनों पर्वतारोहियों ने विवाह कर लिया।
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उत्तराखंड के नैनीताल निवासी अनित साह का विवाह इसी वर्ष 24 जुलाई को कोलकाता निवासी तुसी दास से हुआ। तुसी ने 19 मई को अकेले ही एवरेस्ट फतह किया था। अनित नैनीताल के एलाइड स्टोर वाले उमेश साह के पुत्र हैं।
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लंबे समय से पर्वतारोहण से जुड़े अनित 1993 मई में अपने दल के साथ एवरेस्ट अभियान पर गए थे। अफसोस की बात रही कि मौसम बिगड़ जाने से उनके दो साथियों की मृत्यु हो गई और उन्हें एवरेस्ट की चोटी से मात्र 98 मीटर नीचे से वापस लौटना पड़ा। श्री साह 8750 मीटर की ऊंचाई से वापस लौटे। यह टीस 20 वर्ष बाद भी अनित को सालती है।
हालांकि, पर्वतारोहण के प्रति प्रेम एवं समर्पण के चलते अनित दर्जन भर से ज्यादा दुर्गम चोटियों पर चढ़ चुके हैं, जिसमें मकतोली, संथम, भागीरथी टू, तामयात्से, शमशेर तांगड़ी आदि शामिल हैं। बाद में अनित ने दिल्ली में एल्टीट्यूड एक्सपीडीशन प्रा.लि नाम से कंपनी शुरू की जो हिमालय की दुर्गम चोटियों में अभियान लेकर जाती है।
कोलकाता निवासी तुसी ने भी रोजगार के लिए यह कंपनी ज्वाइन की। तुसी को एनसीसी से पर्वतारोहण का शौक लगा और धीरे-धीरे यह इतना बढ़ गया कि उसने विभिन्न दलों के साथ थलाई सागर, मिन्थोला, कान्याते, सीतीधार आदि अनेक चोटियां फतह कीं। तुसी के नाम 6904 मीटर ऊंची थलाई सागर चोटी पर 14 दिन के सबसे कम समय पर चढ़ने का रिकार्ड भी दर्ज है।
पर्वतारोहण के लिए तुसी को प्रतिष्ठित इंडिपेंडेंस ग्रीनरी अवार्ड, पश्चिम बंगाल सरकार, स्टेट बैंक सहित तमाम संस्थाओं के पुरस्कार मिल चुके हैं। 15 सितंबर को उन्हें राधेनाथ सिकदर-तेनजिंग नोर्गे अवार्ड दिया जाना प्रस्तावित है।
साथ काम करने के दौरान अनित एवं तुसी की नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने विवाह का निर्णय लिया, लेकिन अनित की टीस तुसी की भी टीस बन चुकी थी और उसने एक साहसिक निर्णय लेकर स्वयं एवरेस्ट फतह करने की ठानी।
तुसी का जज्बा इतना ज्यादा था कि धन की कमी होने के बाद भी उसने विभिन्न संस्थाओं से अभियान के लिए लगभग 15 लाख रुपये जुटाए और पहला मौका मिलते ही अभियान पर निकल पड़ी। उसने किसी दल का भी इंतजार नहीं किया और शेरपा गाइड की मदद से 63 दिवसीय अभियान पूरा करके अकेले ही एवरेस्ट फतह कर दिया।
अभियान की सफलता के बाद ही दोनों ने विवाह किया। अनित एवं तुसी बताते हैं कि यह उनके अटूट प्रेम का नतीजा था कि उन्होंने हर मुश्किल को फतह किया और उनके विवाह में भी जाति, धर्म, भाषा या भौगोलिक दूरी अड़चन नहीं बन सके।
तुसी का अगला मिशन धौलीगंगा चढ़ाई है, तुसी के मुताबिक अब तक कोई भारतीय महिला इस पर नहीं चढ़ पाई है। उससे पहले वे दोनों अगले सप्ताह हनीमून ट्रिप पर हिमाचल की 21500 फुट ऊंची सीबी 13 पर चढ़ाई पर निकल रहे हैं। पूर्व में वे इतनी ही ऊंचाई की कांगात्से चोटी भी साथ में फतह कर चुके हैं।