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देवभूमि में शराब पीकर माताएं करती हैं ये कैसा काम?

Thu, 05 Sep 2013 04:47 AM IST
अमर उजाला, नलिनी गुसांई, देहरादून
अमर उजाला, नलिनी गुसांई, देहरादून Updated Thu, 05 Sep 2013 04:47 AM IST
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Children were separated from the mother liquor hobby

शराब के नशे में पिता के बच्चों से मारपीट करने के मामले नए नहीं हैं। लेकिन कुछ माताओं ने भी अब यह शौक पाल लिया है और नशे में बच्चों को कूटने से वे भी गुरेज नहीं कर रहे।

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मां से मिलने वाली हर रोज की मार से परेशान दून और ऋषिकेश के ऐसे ही कुछ बच्चों ने घर छोड़ दिया है। अब दून के टर्नर रोड स्थित ‘अपना घर आश्रम’ में जिंदगी बिता रहे ये बच्चे बेहद खुश हैं।
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खास बात यह है कि नन्हे बच्चे जहां एक पल के लिए भी मां से दूर नहीं हो पाते, ये बच्चे न मां को याद करते हैं न ही कभी लौटकर मां के पास जाना चाहते हैं।

केस 1
दून के डालनवाला निवासी छह वर्षीय राधिका और चार वर्षीय अबीर एक महीने से ‘अपना घर’ में रह रहे हैं। दोनों चाइल्ड लाइन के माध्यम से यहां पहुंचे और बेहद खुश हैं। अबीर कहता है, ‘मेरी मम्मी मुझे बहुत मारती है। मुझे उनके पास नहीं रहना।’ वहीं राधिका ने साफ कहा मम्मी शराब पीकर परेशान करती है। उसने कहा कि अब दोनों यहीं रहेंगे।
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केस 2
मां की मार से परेशान नन्ही पूजा खुद ही पुलिस के पास पहुंच गई थी। ऋषिकेश निवासी पूजा ने पुलिस को बताया कि मां शराब पीकर अक्सर बुरी तरह पीटती हैं और अब मुझे दोबारा घर नहीं जाना। पूजा की बात सुनकर किसी तरह से उसे दून के अपना घर आश्रम में पहुंचाया गया। यहां बाकी बच्चों के साथ पूजा बेहद खुश हैं और पढ़ाई कर रही है।

इनकी भी सुनिए
बच्चों की जुबान पर हमेशा मां शब्द ही पहले आता रहा है, लेकिन ये बच्चे कभी अपनी मां को याद नहीं करते। वे कहते हैं कि हमारी मां बेहद बुरी है, हमें बहुत पीटती हैं। हमें अब कभी उनके पास मत भेजना। इन सभी बच्चों को स्कूल में दाखिला दिला दिया गया है।

-नाजिया, अधीक्षक, अपना घर

ये बच्चे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के माध्यम से ही अपना घर आश्रम में पहुंचाए गए हैं। अबीर और राधिका की मां अक्सर शराब के नशे में हंगामा कर देती है और उनका ध्यान नहीं रखती। बच्चे वापस मां के पास भी नहीं जाना चाहते। कमेटी के पास मामला पहुंचा तो इस पर कार्रवाई की गई।
-विनीता कुमार, चेयरमैन, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी

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