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नौजवान सिखाएंगे चीन को सबक!
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गिरीश बिष्ट (संवाद), चंपावत। गलवां घाटी में चीन की हरकत से पूरा देश सन्न है। चीन ने कायरतापूर्ण तरीके से हमला किया। सैनिकों की इस शहादत से यहां चीन के प्रति गहरा गुस्सा है। यहां युवाओं ने गुस्से का इजहार करते हुए चीन के व्यापारिक बहिष्कार का आगाज कर दिया गया है। क्षेत्र के ढेरों नौजवानों ने चीन को सबक सीखाते हुए चाइनीज एप टिकटॉक, लाइक, शेयर इट और मोजिला को मोबाइल से हटाने का अभियान शुरू कर दिया है।
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भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहा चाइनीज एप टिकटॉप एक सोशल मीडिया एप्लिकेशन है, जिसके जरिए स्मार्ट फोन का उपयोगकर्ता छोटे-छोटे वीडियो बनाने के साथ शेयर भी कर सकता है। बहुत से युवाओं ने तो टिकटॉक को हटाकर भारत में बने मित्रों एप को डाउनलोड किया है। हर्षित भट्ट, भावना गोस्वामी, रजत राय, राजेंद्र मेहता आदि युवाओं का कहना है कि भारत में कारोबार का विस्तार कर चीन मोटी कमाई कर रहा है और इसी मुनाफे का उपयोग वह अपनी सेना को मजबूत बनाने में कर रहा है। उसकी ऐसी करतूत स्वीकार्य नहीं है। इन युवाओं ने चीन की सामग्री के बहिष्कार का चरणबद्ध अभियान चलाने का भी ऐलान किया है।
---::: "खत्म करना होगा बाजार पर चीनी कब्जा :: सस्ता सामान और सुलभ तकनीक से चीन भारत के बाजार पर कब्जा जमा रहा है। चीन की करतूत को देखते हुए उसका ये कदम देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक है।" -हर्षित भट्ट, अमोड़ी।
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---::: बाजार से चीन को मिल रही ताकत :: एक तरफ चीन हमारी सीमा पर खतरा बना हुआ है, हमारे सैनिकों पर हमले कर रहा है। दूसरी ओर चीन का सामान भारत में उसे मजबूती प्रदान कर रहा है। इस स्थिति में बदलाव जरूरी है। भावना गोस्वामी, चंपावत।
---::: चीनी माल का बहिष्कार जरूरी :: टिकटॉक के जरिए भारतीय लोगों पर चीन गहरा प्रभाव छोड़ रहा था। उसकी छलपूर्ण नीति से ये आवश्यक हो गया है कि हम उसका बहिष्कार करें।" - रजत राय, लोहाघाट।
---::: आर्थिक मोर्चे पर भी जवाब देना जरूरी :: "चीन की करतूत का जवाब देने के लिए सैन्य मोर्चे के साथ आर्थिक क्षेत्र पर भी जवाब देना होगा। खुद का तकनीकी विकास कर चीन को पछाड़ना होगा।" -राजेंद्र मेहता, लोहाघाट।
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