फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   yet Model School

गुरुजी हैं नहीं, फिर भी मॉडल स्कूल

Sat, 16 Jul 2016 10:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Sat, 16 Jul 2016 10:25 PM IST
विज्ञापन
yet Model School
गुरुजी हैं नहीं, फिर भी मॉडल स्कूल - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन


जिला मुख्यालय के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) को पांच साल पूर्व स्मार्ट कक्षाओं के संचालन के लिए चयनित किया गया था और पिछले साल इसे मॉडल स्कूल का दर्जा मिला, मगर न यहां स्मार्ट कक्षाएं चल पा रही है और नहीं आदर्श जैसा यहां कुछ है। बुनियादी ढांचा तो दूर, कॉलेज में पढ़ाने वाले भी पूरे नहीं है। प्रवक्ताओं के आधे से अधिक पद रिक्त हैं। इन वजहों से छात्र संख्या में गिरावट आ रही है। 2011 में यहां 533 छात्र थे, जो अब घटकर 375 तक आ पहुंचे हैं।

1972 में जीआईसी बना यह स्कूल चंपावत के सबसे पुराने स्कूलों में से एक है, लेकिन बीते कुछ वर्षों से यहां एडमिशन को लेकर कतई मारामारी नहीं रहती। करीब पांच साल पहले इसे स्मार्ट कक्षा संचालित करने के लिए अनुमन्य किया गया था, मगर यहां स्मार्ट कक्षाएं कभी नहीं चली। स्मार्ट कक्षाओं में कंप्यूटर और प्रोजेक्टर के जरिए शिक्षण कार्य होना था, पर इसके लिए न तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ है और न पर्याप्त स्थान। नतीजतन इस वक्त 30 से अधिक कंप्यूटर, प्रोजेक्टर धूल फांक रहे हैं। अलबत्ता एक कमरे में नौंवी कक्षा के छात्र कंप्यूटर की बेसिक जानकारी जरूर हासिल करते हैं। शिक्षक भी मानते हैं कि स्मार्ट कक्षाओं के जरिए छात्रों को सीखने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। उन्हें विषय से संबंधित अवधारणा को समझने में भी कठिनाई कम आती है, लेकिन यहां तो सामान्य तकनीक से पढ़ाने के लिए भी स्टाफ पर्याप्त नहीं है। 11 प्रवक्ताओं में से महज पांच हैं। हिंदी, अर्थशास्त्र, भूगोल, संस्कृत, कामर्स और भौतिक शास्त्र के प्रवक्ता के पद रिक्त हैं।
विज्ञापन




स्वच्छक बिन हो रही सफाई
मुख्यालय के जीआईसी में एक भी सफाई कर्मी नहीं है। स्कूल प्रशासन का कहना है कि स्वच्छक की कमी से सफाई प्रभावित हो रही है। सफाई के काम में खुद छात्र हाथ बंटाते हैं। वहीं रात्रि चौकीदार नहीं होने से स्कूल परिसर में सुरक्षा का भी बंदोबस्त नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले शिक्षा सत्र में विजिटिंग शिक्षकों के जरिए अध्यापकों की कमी की काफी हद तक भरपाई हुई, लेकिन उनके हटने के बाद से विषय अध्यापकों की कमी हो रही है। काम चलाने के लिए एलटी शिक्षकों से इंटर की कक्षाओं का संचालन करवाया जा रहा है। -सीपी गहतोड़ी, प्रधानाचार्य, जीआईसी, चंपावत।


चंपावत जीआईसी सहित जिले के सभी आठों मॉडल इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को इस माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए दूसरे विद्यालयों से अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई है। -नवीन चंद्र पाठक, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed