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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Wheat crop was ruined by lack of nutrients

पोषक तत्वों की कमी से बर्बाद हुई गेहूं की फसल

Sat, 06 Feb 2016 10:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Sat, 06 Feb 2016 10:29 PM IST
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लधिया घाटी क्षेत्र में गेहूं की फसल को जबर्दस्त नुकसान हुआ है। फसल प्रभावित होने की मुख्य वजह खेत में पोषक तत्वों की कमी रही। इसके अलावा बीज की ज्यादा मात्रा, दवा की मात्रा में गड़बड़ी आदि भी कारण रहे। ये निष्कर्ष शनिवार को श्रीरीठा साहिब मुआयना कर लौटी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की टीम के रहे।

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लधिया घाटी में श्रीरीठा साहिब (चौड़ापित्ता), चौड़ामेहता, परेवा, गागरी, चमोली, कुलियालगांव, मछियाड़ सहित कई गांवों में सैकड़ों नाली खेतों में किसानों ने गेहूं बोए थे, मगर इस वक्त गेहूं की खड़ी फसल बर्बाद हाल में है। किसानों का कहना है कि लधिया, रतिया नदी से किसी तरह पानी ढोकर खेतों में सिंचाई की, मगर अब गेहूं की बाली छोटी होने के अलावा झुलसने के साथ पीली पड़ने लगी है। इस पूरे इलाके में कमोबेश ऐसा ही हाल है।
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शनिवार को सुंई कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.एसपी गंगवार और डा.एनपी सिंह ने खेतों में गेहूं की फसल का परीक्षण किया। बताया कि गेहूं की बुवाई के वक्त अधिक मात्रा में बीज डालने के साथ ही दवा की मात्रा कम डाली गई है। वहीं गेहूं के पोषण के लिए जरूरी जिंक सल्फेट भी नहीं दिया गया। इस वजह से गेहूं की फसल को नुकसान हो रहा है।
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किसान भीम सिंह बोहरा, लक्ष्मण सिंह, भवान सिंह, केशर सिंह, नंदन सिंह, मोहन जोशी, हयात राम आदि ने किसानों को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए सरकारी स्तर पर मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि इस फसल से उनको काफी सहारा मिलता था, मगर अब उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है।

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