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पेयजल समस्या से परेशान लोगों ने जनहित याचिका दायर करने की दी चेतावनी
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लोहाघाट नगर में पेयजल समस्या को लेकर चर्चा करते नगर पालिका अध्यक्ष व लोग।
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। नगर में पेयजल समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। नगर पंचायत प्रतिनिधियों और नगर क्षेत्र के लोगों की बैठक में पेयजल समस्या का समाधान न होने पर लोगों ने जल संस्थान के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई। इससे आक्रोशित लोगों ने समस्या का जल्द समाधान न होने पर न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर जल संस्थान में तालाबंदी की चेतावनी दी।
नगर पालिका सभागार में सोमवार को चेयरमैन गोविंद वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेयजल समस्या सुलझाने की मांग की गई। चेयरमैन वर्मा का कहना था कि जल संस्थान नगर क्षेत्र की पेयजल समस्या नहीं सुलझा सका है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। चेयरमैन ने कहा कि समस्या का समाधान जल्द न होने पर वह न्यायालय में जल संस्थान के खिलाफ जनहित याचिका दायर करेंगे। वक्ताओं का कहना था कि नगर में लोगों को तीसरे दिन मात्र 30 से 40 मिनट तक ही पानी मिल पा रहा है। पानी की गति कम होने के कारण अंतिम छोर के कनेक्शनधारकों तक बहुत कम पानी पहुंच रहा है। कहा कि महीने में मात्र 10 दिन ही पानी आता है, लेकिन उनसे पूरे महीने का बिल वसूला जा रहा है। इस विसंगति को नहीं सहा जाएगा। चेतावनी दी कि जल संस्थान ने समस्या का समाधान जल्द नहीं किया तो नगर क्षेत्र के लोग जल संस्थान के अधिकारियों का घेराव कर कार्यालय में तालाबंदी करेंगे। बैठक में सभासद नवीन गोस्वामी, भुवन गोरखा, दीपक साह, दीपा गोस्वामी, बीना कन्नौजिया, मीना ढेक, राजकिशोर साह, दीपक गोस्वामी, भावेश मेहता, राहुल राय आदि रहे।
गणकोट के लोग पानी के लिए परेशान, फिर भी विभाग थमा रहा बिल
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से सटे गणकोट ग्राम पंचायत में पिछले डेढ़ माह से पानी नहीं आया है। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद विभाग उन्हें दो हजार से पांच हजार तक के बिल थमा रहा है।
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गणकोट ग्राम पंचायत की 800 की आबादी विगत डेढ़ माह से पानी के लिए तरस गई है। पौण पंपिंग योजना के बंद होने से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना बंद होने के बाद भी विभाग ग्रामीणों को पानी का बिल थमा रहा है। ग्राम प्रधान नीरज गनकोटिया ने बताया कि आए दिन पंपिंग योजना में कुछ न कुछ दिक्कत आती रहती है। यदि योजना सही हो तब भी सिर्फ 10 मिनट पानी आता है। वर्तमान में ग्रामीण जल स्रोतों से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। यह स्रोत भी सूखने की कगार पर हैं। जल जीवन मिशन योजना से गांव में आधी-अधूरी लाइन बिछाई गई हैं। स्रोतों को भी योजना से नहीं जोड़ा गया है। पूजा गनकोटिया ने कहा कि गांव में दो बार सर्वेक्षण हो चुका है लेकिन गांव के लिए योजना नहीं बनी। कैलाश राम ने बताया कि जल संस्थान ने पानी की समस्या को देखते हुए पेयजल टैंक तो उपलब्ध कराया, लेकिन उसका लाभ सिर्फ सड़क किनारे रहने वाले कुछ परिवारों को मिला। गांव तक सड़क न होने से आबादी का बड़ा हिस्सा छूट गया। ग्रामीण नरेंद्र कुमार और शेरी राम ने कहा कि जल संकट का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
पौंण पेयजल पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है तो ग्रामीण आकर एक प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। उसके बाद आगे की कार्यवाही कर समाधान किया जाएगा। अनुबंध के तहत पानी के बिल तो आएंगे ही। - सुरेश चंद्र जोशी, प्रभारी अधिशासी अभियंता, जल संस्थान पिथौरागढ़
बेड़ीनाग, गंगोलीहाट में पेयजल संकट से लोग परेशान
गंगोलीहाट/ बेड़ीनाग। बेड़ीनाग और गंगोलीहाट में गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट गंभीर होने लगा है। बेड़ीनाग में 15 हजार की आबादी के लिए पीने भर का पानी भी जुटाना मुश्किल हो गया है। तीसरे-चौथे दिन परिवारों को बमुश्किल 150 से 300 लीटर पानी मिल रहा है। गंगोलीहाट में शालीखेत पंपिंग योजना में खराबी आने के बाद नगरीय और 14 गांवों में पेयजल सप्लाई ठप है। लोगों ने शीघ्र पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।
बेड़ीनाग नगर पंचायत की आबादी 15 हजार से अधिक है। क्षेत्र में प्रतिदिन मानकों के अनुसार 2.5 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन जल संस्थान को सिर्फ 0.5 एमएलडी पानी मिल पा रहा है। इस कारण प्रत्येक परिवार को तीसरे या चौथे दिन 150 से 300 लीटर पानी मिल पा रहा है। कम सदस्यों वाले परिवार तो इस पानी से जैसे तैसे गुजारा कर रहे हैं लेकिन बड़े परिवारों के समक्ष पानी जुटाना बड़ी समस्या बनी है। जल संस्थान के जेई महेश रौतेला का कहना है कि गोरघटिया पंपिंग पेयजल योजना से इस समय मात्र 0.6 एमएलडी पानी मिल रहा है। झलतोला पेयजल योजना का पानी भी कम हो गया है। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए 2.5 एमएलडी पानी की जरूरत है। मांग के अनुसार पानी न मिलने से दिक्कत हो रही है। इधर गंगोलीहाट में शालीखेत पंपिंग योजना के पंप खराबी आने के कारण मुख्य टैंक तक पानी की सप्लाई नहीं हुई। टैंक में बचा पानी ही कुछ स्थानों तक बहुत कम समय के लिए पहुंच पाया। पंपिंग न होने के कारण नगर और आसपास के 14 गांव के लोगों को सोमवार को पानी नहीं मिल पाया। 1000 से ज्यादा संयोजन और स्टैंड पोस्ट में पानी की एक बूंद नहीं टपकी। होली के त्योहार के बाद लोगों को सफाई और कपड़े धोने के लिए रोजमर्रा के दिनों से अधिक पानी की जरूरत होती है, लेकिन पानी न आने के कारण लोग परेशान रहे। लोग पारंपरिक नौले और धारों से प्यास बुझाने और जानवरों के लिए पानी ढोने में लगे रहे। सड़क किनारे बसे गांव के लोगों की प्यास हैंडपंपों से आपूर्ति कर बुझ रही है। जल संस्थान के जेई रूपेश आर्य ने बताया कि पंप में हल्की खराबी आई है, जिसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा।
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नगर पालिका सभागार में सोमवार को चेयरमैन गोविंद वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेयजल समस्या सुलझाने की मांग की गई। चेयरमैन वर्मा का कहना था कि जल संस्थान नगर क्षेत्र की पेयजल समस्या नहीं सुलझा सका है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। चेयरमैन ने कहा कि समस्या का समाधान जल्द न होने पर वह न्यायालय में जल संस्थान के खिलाफ जनहित याचिका दायर करेंगे। वक्ताओं का कहना था कि नगर में लोगों को तीसरे दिन मात्र 30 से 40 मिनट तक ही पानी मिल पा रहा है। पानी की गति कम होने के कारण अंतिम छोर के कनेक्शनधारकों तक बहुत कम पानी पहुंच रहा है। कहा कि महीने में मात्र 10 दिन ही पानी आता है, लेकिन उनसे पूरे महीने का बिल वसूला जा रहा है। इस विसंगति को नहीं सहा जाएगा। चेतावनी दी कि जल संस्थान ने समस्या का समाधान जल्द नहीं किया तो नगर क्षेत्र के लोग जल संस्थान के अधिकारियों का घेराव कर कार्यालय में तालाबंदी करेंगे। बैठक में सभासद नवीन गोस्वामी, भुवन गोरखा, दीपक साह, दीपा गोस्वामी, बीना कन्नौजिया, मीना ढेक, राजकिशोर साह, दीपक गोस्वामी, भावेश मेहता, राहुल राय आदि रहे।
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गणकोट के लोग पानी के लिए परेशान, फिर भी विभाग थमा रहा बिल
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से सटे गणकोट ग्राम पंचायत में पिछले डेढ़ माह से पानी नहीं आया है। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद विभाग उन्हें दो हजार से पांच हजार तक के बिल थमा रहा है।
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गणकोट ग्राम पंचायत की 800 की आबादी विगत डेढ़ माह से पानी के लिए तरस गई है। पौण पंपिंग योजना के बंद होने से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना बंद होने के बाद भी विभाग ग्रामीणों को पानी का बिल थमा रहा है। ग्राम प्रधान नीरज गनकोटिया ने बताया कि आए दिन पंपिंग योजना में कुछ न कुछ दिक्कत आती रहती है। यदि योजना सही हो तब भी सिर्फ 10 मिनट पानी आता है। वर्तमान में ग्रामीण जल स्रोतों से पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। यह स्रोत भी सूखने की कगार पर हैं। जल जीवन मिशन योजना से गांव में आधी-अधूरी लाइन बिछाई गई हैं। स्रोतों को भी योजना से नहीं जोड़ा गया है। पूजा गनकोटिया ने कहा कि गांव में दो बार सर्वेक्षण हो चुका है लेकिन गांव के लिए योजना नहीं बनी। कैलाश राम ने बताया कि जल संस्थान ने पानी की समस्या को देखते हुए पेयजल टैंक तो उपलब्ध कराया, लेकिन उसका लाभ सिर्फ सड़क किनारे रहने वाले कुछ परिवारों को मिला। गांव तक सड़क न होने से आबादी का बड़ा हिस्सा छूट गया। ग्रामीण नरेंद्र कुमार और शेरी राम ने कहा कि जल संकट का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
पौंण पेयजल पंपिंग योजना से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है तो ग्रामीण आकर एक प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। उसके बाद आगे की कार्यवाही कर समाधान किया जाएगा। अनुबंध के तहत पानी के बिल तो आएंगे ही। - सुरेश चंद्र जोशी, प्रभारी अधिशासी अभियंता, जल संस्थान पिथौरागढ़
बेड़ीनाग, गंगोलीहाट में पेयजल संकट से लोग परेशान
गंगोलीहाट/ बेड़ीनाग। बेड़ीनाग और गंगोलीहाट में गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट गंभीर होने लगा है। बेड़ीनाग में 15 हजार की आबादी के लिए पीने भर का पानी भी जुटाना मुश्किल हो गया है। तीसरे-चौथे दिन परिवारों को बमुश्किल 150 से 300 लीटर पानी मिल रहा है। गंगोलीहाट में शालीखेत पंपिंग योजना में खराबी आने के बाद नगरीय और 14 गांवों में पेयजल सप्लाई ठप है। लोगों ने शीघ्र पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।
बेड़ीनाग नगर पंचायत की आबादी 15 हजार से अधिक है। क्षेत्र में प्रतिदिन मानकों के अनुसार 2.5 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन जल संस्थान को सिर्फ 0.5 एमएलडी पानी मिल पा रहा है। इस कारण प्रत्येक परिवार को तीसरे या चौथे दिन 150 से 300 लीटर पानी मिल पा रहा है। कम सदस्यों वाले परिवार तो इस पानी से जैसे तैसे गुजारा कर रहे हैं लेकिन बड़े परिवारों के समक्ष पानी जुटाना बड़ी समस्या बनी है। जल संस्थान के जेई महेश रौतेला का कहना है कि गोरघटिया पंपिंग पेयजल योजना से इस समय मात्र 0.6 एमएलडी पानी मिल रहा है। झलतोला पेयजल योजना का पानी भी कम हो गया है। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए 2.5 एमएलडी पानी की जरूरत है। मांग के अनुसार पानी न मिलने से दिक्कत हो रही है। इधर गंगोलीहाट में शालीखेत पंपिंग योजना के पंप खराबी आने के कारण मुख्य टैंक तक पानी की सप्लाई नहीं हुई। टैंक में बचा पानी ही कुछ स्थानों तक बहुत कम समय के लिए पहुंच पाया। पंपिंग न होने के कारण नगर और आसपास के 14 गांव के लोगों को सोमवार को पानी नहीं मिल पाया। 1000 से ज्यादा संयोजन और स्टैंड पोस्ट में पानी की एक बूंद नहीं टपकी। होली के त्योहार के बाद लोगों को सफाई और कपड़े धोने के लिए रोजमर्रा के दिनों से अधिक पानी की जरूरत होती है, लेकिन पानी न आने के कारण लोग परेशान रहे। लोग पारंपरिक नौले और धारों से प्यास बुझाने और जानवरों के लिए पानी ढोने में लगे रहे। सड़क किनारे बसे गांव के लोगों की प्यास हैंडपंपों से आपूर्ति कर बुझ रही है। जल संस्थान के जेई रूपेश आर्य ने बताया कि पंप में हल्की खराबी आई है, जिसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा।