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मछियाड़ गांव में गधेरों का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:09 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। पाटी ब्लॉक के मछियाड़ गांव के लोग तीन वर्षों से गधेरों का पानी पीते आ रहे है। जल निगम ने दस वर्ष पहले गांव के भंडारी मछियाड़, तल्ली रौ, बडेला मछियाड़, बगेडा और चौड़ा तोक के लिए लगभग 65 लाख रुपए लागत से अलग-अलग पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया। बाद में 12 दिसंबर 2012 को इन पेयजल योजनाओं का रखरखाव करने के लिए ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया।
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इसके छह माह बाद हुई भारी वर्षा के चलते योजना के भूमकाखोला, भूमकानी, बाजाधूरा, कनौला गधेरों में उफान आने से चारों तोकों की पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई। तब से गांव के लोग योजना की मरम्मत के लिए गुहार लगाते आ रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि गधेरों का पानी पीने से लोगों में पेट संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं।
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सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर सिंह बगौटी का कहना है कि उनके स्तर से बार-बार पत्र भेजने पर भी जल संस्थान, जल निगम एवं ब्लॉक कार्यालय ने बजट नहीं होने की बात कह कर हाथ खड़े कर दिए। पाटी के बीडीओ सीएस मेवाड़ी का कहना है कि इस एकल पेयजल योजना के चारों तोकों को हुई क्षति का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट सीडीओ कार्यालय को पहले ही भेजी जा चुकी है। धनराशि आवंटित होने पर योजना को चालू कर दिया जाएगा।
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