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मतदान केंद्र वोटर के नजदीक फिर भी मतदान के लिए उत्साह नहीं
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चंपावत विधानसभा सीट का सबसे नजदीक का चंपावत प्राइमरी स्कूल का मतदान केंद्र। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिले में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने से कुछ मतदान बढ़ा है लेकिन इसके प्रतिशत की बढ़ोतरी नाकाफी है। वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में जहां चंपावत विधानसभा क्षेत्र में 97 और लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में 82 मतदान केंद्र थे, अब चंपावत में 151 और लोहाघाट में 182 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जिले में 86.03 प्रतिशत मतदेय स्थल बढ़ाने के बावजूद मतदान का प्रतिशत ज्यादा नहीं बढ़ा।
वर्ष 2007 में हुए दूसरे विधानसभा चुनाव में चंपावत में 117 और लोहाघाट में 101 मतदान केंद्र बनाए गए थे। वर्ष 2012 में चंपावत में 135, लोहाघाट में 163, वर्ष 2017 में चंपावत में 142, लोहाघाट क्षेत्र में 178 मतदान केंद्र बनाए गए थे। राजनीतिक विश्लेषक विवेकानंद जोशी के अनुसार मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने से मतदाताओं की भागीदारी भी बढ़ रही है, जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है।
विधानसभा क्षेत्र चंपावत में हुआ पिछला मतदान
वर्ष कुल मतदाता मतदान मत प्रतिशत
2002 71020 38893 54.76
2007 94344 54727 64.88
2012 76385 58187 76.17
2017 88781 58979 66.43
विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में हुआ पिछला मतदान
वर्ष कुल मतदाता मतदान मत प्रतिशत
2002 65980 34204 51.83
2007 74780 42619 56.99
2012 92063 51559 56.04
2017 102389 58338 56.97
उम्मीदवार और सियासी दलों से भी मायूसी
चंपावत। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद भी प्रदेश की न राजनीतिक संस्कृति बदली, न भ्रष्टाचार कम हुआ, न रोजगार के मौके बढ़े, न छोटे उद्योगों को विस्तार मिला। राज्य आंदोलनकारी एडवोकेट सुधीर साह का कहना है कि प्रदेश में विकास की गति और आर्थिक हालात बिगड़े हैं। ऐसे में कई लोग मतदान के लिए कम उत्साहित हैं। उन्हें न राजनीतिक दलों से खास उम्मीद है और न ही किसी प्रत्याशी से।
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पहाड़ से ज्यादा हैं मैदानी क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या
चंपावत। पहाड़ और मैदानी क्षेत्र में बंटे चंपावत विधानसभा सीट पर मैदानी क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या पहाड़ से ज्यादा है। 96016 मतदाताओं वाली विधानसभा सीट में 50057 पुरुष और 45959 महिलाएं हैं। जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा के 61 मतदान केंद्रों में 48651 मतदाता शामिल हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्र चंपावत के 90 मतदान केंद्रों में 47365 मतदाता शामिल हैं। मैदानी क्षेत्र में 1286 मतदाता अधिक हैं।
कुलेठी मतदान केंद्र में सबसे अधिक 1234 मतदाता
चंपावत। विधानसभा चुनाव में चंपावत सीट पर सबसे अधिक 1234 मतदाता जूनियर हाईस्कूल कुलेठी में वोट डालेंगे जबकि सबसे कम 56 मतदाता प्राथमिक विद्यालय निगाली में है। इसी प्रकार लोहाघाट विधानसभा सीट पर प्राथमिक विद्यालय ईड़ाकोट में सर्वाधिक 1146, प्राथमिक विद्यालय कुलौली में सबसे कम 86 मतदाता हैं।
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वर्ष 2007 में हुए दूसरे विधानसभा चुनाव में चंपावत में 117 और लोहाघाट में 101 मतदान केंद्र बनाए गए थे। वर्ष 2012 में चंपावत में 135, लोहाघाट में 163, वर्ष 2017 में चंपावत में 142, लोहाघाट क्षेत्र में 178 मतदान केंद्र बनाए गए थे। राजनीतिक विश्लेषक विवेकानंद जोशी के अनुसार मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने से मतदाताओं की भागीदारी भी बढ़ रही है, जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए बहुत जरूरी है।
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विधानसभा क्षेत्र चंपावत में हुआ पिछला मतदान
वर्ष कुल मतदाता मतदान मत प्रतिशत
2002 71020 38893 54.76
2007 94344 54727 64.88
2012 76385 58187 76.17
2017 88781 58979 66.43
विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में हुआ पिछला मतदान
वर्ष कुल मतदाता मतदान मत प्रतिशत
2002 65980 34204 51.83
2007 74780 42619 56.99
2012 92063 51559 56.04
2017 102389 58338 56.97
उम्मीदवार और सियासी दलों से भी मायूसी
चंपावत। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद भी प्रदेश की न राजनीतिक संस्कृति बदली, न भ्रष्टाचार कम हुआ, न रोजगार के मौके बढ़े, न छोटे उद्योगों को विस्तार मिला। राज्य आंदोलनकारी एडवोकेट सुधीर साह का कहना है कि प्रदेश में विकास की गति और आर्थिक हालात बिगड़े हैं। ऐसे में कई लोग मतदान के लिए कम उत्साहित हैं। उन्हें न राजनीतिक दलों से खास उम्मीद है और न ही किसी प्रत्याशी से।
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पहाड़ से ज्यादा हैं मैदानी क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या
चंपावत। पहाड़ और मैदानी क्षेत्र में बंटे चंपावत विधानसभा सीट पर मैदानी क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या पहाड़ से ज्यादा है। 96016 मतदाताओं वाली विधानसभा सीट में 50057 पुरुष और 45959 महिलाएं हैं। जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा के 61 मतदान केंद्रों में 48651 मतदाता शामिल हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्र चंपावत के 90 मतदान केंद्रों में 47365 मतदाता शामिल हैं। मैदानी क्षेत्र में 1286 मतदाता अधिक हैं।
कुलेठी मतदान केंद्र में सबसे अधिक 1234 मतदाता
चंपावत। विधानसभा चुनाव में चंपावत सीट पर सबसे अधिक 1234 मतदाता जूनियर हाईस्कूल कुलेठी में वोट डालेंगे जबकि सबसे कम 56 मतदाता प्राथमिक विद्यालय निगाली में है। इसी प्रकार लोहाघाट विधानसभा सीट पर प्राथमिक विद्यालय ईड़ाकोट में सर्वाधिक 1146, प्राथमिक विद्यालय कुलौली में सबसे कम 86 मतदाता हैं।